ट्रेन के भीतर हुआ कथित हमला: क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता आशुतोष पांडे के अनुसार, वह कानूनी कार्यवाही के सिलसिले में प्रयागराज जा रहे थे। रास्ते में अज्ञात युवकों ने उन्हें घेर लिया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पांडे ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें सीधे तौर पर धमकी देते हुए कहा, “अगर केस वापस नहीं लिया तो नाक काट दी जाएगी।” हमले के दौरान मची चीख-पुकार के बाद आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। बता दें कि आशुतोष पांडे वही व्यक्ति हैं जिन्होंने हाल ही में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जिसके बाद से ही वह सुरक्षा की मांग कर रहे थे। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और रेलवे पुलिस (GRP) की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“हमें शिकायतकर्ता की ओर से हमले की सूचना मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज और संबंधित जीआरपी थानों को अलर्ट कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और सह-यात्रियों के बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।”
— स्थानीय पुलिस अधिकारी, प्रयागराज सेक्टर
इस घटना के बाद प्रयागराज के सिविल लाइंस और कचहरी परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आशुतोष पांडे ने अपनी जान का खतरा बताते हुए मुख्यमंत्री और डीजीपी से तत्काल अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह हमला पूर्व नियोजित था या केवल डराने के उद्देश्य से किया गया था। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां संभव हैं, जिससे शहर का सियासी और सामाजिक पारा चढ़ सकता है।
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