छुरा/गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। भरोसे की डोर को तोड़कर लाखों रुपये के कैमरे और फोटोग्राफी उपकरण हड़पने वाले एक युवक को छुरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने प्रार्थी को विश्वास में लेकर महंगे कैमरे और अन्य उपकरण लिए थे और बाद में उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म OLX पर बेचने की तैयारी कर ली थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल पूरा सामान बरामद हुआ, बल्कि एक बड़े धोखाधड़ी के सौदे को भी समय रहते रोक लिया गया।
विश्वास जीतकर दिया वारदात को अंजाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 14 मार्च 2026 की है, जब आरोपी सतीश कुमार बंजारे ने प्रार्थी से दोस्ताना व्यवहार और भरोसे का लाभ उठाते हुए कैमरा D-7500, D-7000 सहित अन्य फोटोग्राफी उपकरण यह कहकर लिए कि वह 17 मार्च तक सभी सामान वापस कर देगा। प्रार्थी ने बिना किसी संदेह के आरोपी को सामान सौंप दिया।
लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी जब आरोपी ने सामान वापस नहीं किया, तो प्रार्थी को शंका हुई। बाद में पता चला कि आरोपी ने इन महंगे उपकरणों को बेचने की नीयत से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिया है। इसके बाद प्रार्थी ने 19 मार्च 2026 को थाना छुरा पहुंचकर इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना छुरा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) और 316(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी के निर्देशन में एक टीम गठित की गई, जिसने आरोपी की तलाश तेज कर दी।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी की लोकेशन का पता लगाया और उसे घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम सतीश कुमार बंजारे (24 वर्ष), निवासी ग्राम नगरदा, थाना भिलाईगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ बताया।
पूछताछ में कबूला जुर्म, सामान बरामद
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी की पूरी साजिश कबूल कर ली। उसने बताया कि उसने पहले से ही सामान बेचने की योजना बना रखी थी और इसी उद्देश्य से उसने प्रार्थी का विश्वास जीता।
आरोपी के कब्जे से पुलिस ने दो कैमरे—D-7500 (कीमत लगभग 80,000 रुपये) और D-7000 (कीमत लगभग 50,000 रुपये) सहित अन्य उपकरण बरामद किए। इसके अलावा दो फ्लैश लाइट, दो सेल चार्जर, 16 नग सेल, चार बैटरियां, दो कैमरा चार्जर, दो कैमरा बैग और दो मेमोरी चिप भी जब्त किए गए। बरामद सभी सामान की कुल कीमत लगभग 1,62,000 रुपये आंकी गई है।
न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया आरोपी
मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वालों पर अंकुश लगाया जा सके।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते दुरुपयोग पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किस तरह अपराधियों के लिए आसान जरिया बनता जा रहा है। जहां एक ओर ये प्लेटफॉर्म खरीद-बिक्री को आसान बनाते हैं, वहीं दूसरी ओर इनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए भी किया जा रहा है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को कीमती सामान देने से पहले पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
भरोसे के नाम पर धोखा, लेकिन पुलिस की सतर्कता से नाकाम
छुरा पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भरोसे के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं है। समय रहते की गई कार्रवाई से न केवल प्रार्थी को उसका सामान वापस मिला, बल्कि एक बड़े आर्थिक नुकसान से भी बचाव हो गया।
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