CG Breaking News :सरगुजा (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल बुनियादी सुविधाओं की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहां एक युवक की तालाब में डूबने से मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों को उसका शव खाट पर रखकर करीब 5 किलोमीटर पैदल ढोना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि पोस्टमॉर्टम के बाद भी हालात नहीं बदले और शव को उसी तरह पैदल गांव तक ले जाना पड़ा।
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तालाब में डूबने से युवक की मौत
जानकारी के मुताबिक, सरगुजा जिले के एक सुदूर गांव का रहने वाला युवक रोजमर्रा के काम से तालाब गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया।
सड़क नहीं, एंबुलेंस भी नहीं पहुंची
युवक की मौत के बाद सबसे बड़ी समस्या शव को अस्पताल और फिर गांव तक ले जाने की खड़ी हो गई। गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस या कोई भी वाहन मौके तक नहीं पहुंच सका। मजबूरी में ग्रामीणों ने शव को खाट पर रखा और करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक पहुंचे, जहां से किसी तरह शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया।
पोस्टमॉर्टम के बाद भी वही हाल
दर्दनाक पहलू यह रहा कि पोस्टमॉर्टम के बाद भी परिजनों को कोई सुविधा नहीं मिल सकी। शव को वापस गांव लाने के लिए भी कोई वाहन उपलब्ध नहीं हुआ। नतीजतन, परिजनों और ग्रामीणों को दोबारा शव को खाट पर रखकर 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
खाट पर शव ढोते परिजनों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में गुस्सा देखने को मिला। कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि आजादी के इतने साल बाद भी अगर लोगों को शव ढोने के लिए पैदल चलना पड़े, तो विकास के दावे किस हकीकत पर टिके हैं।
