मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग, सुकचंद बेसरा बोले—निष्पक्ष जांच से सामने आए सच्चाई

गरियाबंद(गंगा प्रकाश)। मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच गरियाबंद जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद के अध्यक्ष सुकचंद बेसरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, यह मांग फिलहाल कांग्रेस नेता की ओर से किया गया राजनीतिक आग्रह है; किसी जांच या एफआईआर में आरोप प्रमाणित होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

बेसरा ने कहा कि निर्वाचन आयोग देश की चुनावी व्यवस्था की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। ऐसे में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठने वाले प्रत्येक सवाल का तथ्यात्मक और पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या आपराधिक कृत्य हुआ है तो उसकी स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

👉 जरूर पढ़ें: बारिश ने खोली जमीनी हकीकत, खेत से आश्रम तक पहुंचे कलेक्टर… कहीं बाढ़ का पानी तो कहीं हाथियों का खतरा

उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सहित मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को लेकर उठ रही आपत्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों और नागरिकों की आशंकाओं का समाधान दस्तावेजी तथ्यों के आधार पर होना चाहिए। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 2026 के SIR से संबंधित मतदाता सूची संबंधी सेवाएं उपलब्ध हैं।

‘राजनीतिक आरोप नहीं, हो कानूनी जांच’

सुकचंद बेसरा ने कहा कि कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। उनके अनुसार इन आरोपों का समाधान राजनीतिक बयानबाजी के बजाय कानूनी एवं स्वतंत्र जांच के माध्यम से होना चाहिए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, नियमों का उल्लंघन अथवा आपराधिक कृत्य सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति भी कानून और जवाबदेही की प्रक्रिया से ऊपर नहीं हैं। उनका जोर इस बात पर रहा कि किसी व्यक्ति को पहले से दोषी मानने के बजाय आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएं।

मतदाता सूची पर क्यों उठ रहे सवाल?

बेसरा ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक भागीदारी का आधार है। किसी पात्र मतदाता का नाम छूटना अथवा अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल होना चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर सकता है। इसलिए सूची में प्रत्येक बदलाव की प्रक्रिया स्पष्ट, सत्यापन योग्य और पारदर्शी होनी चाहिए।

निर्वाचन आयोग के अनुसार वह चुनाव प्रक्रिया के साथ-साथ मतदाता सूची के प्रबंधन और दावों-आपत्तियों की व्यवस्था का संचालन करता है। आयोग स्वयं को संविधान के तहत गठित स्थायी संवैधानिक निकाय बताता है।

जांच में सामने आए तथ्य तो हो कार्रवाई

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों से कांग्रेस द्वारा उठाए गए आरोपों तथा उपलब्ध दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में यदि कोई दोष प्रमाणित होता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

👉 जरूर पढ़े: रातभर पानी निकालते रहे ग्रामीण… सुबह पता चला 13 परिवारों पर टूटी बारिश की आफत!

बेसरा ने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं है। यह पूरे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के विश्वास से जुड़ा मामला है। इसलिए मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित विवादों का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।

अब बड़ा सवाल यही है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे इन आरोपों की जांच किस स्तर पर होगी और जांच के बाद वास्तविक तथ्य क्या सामने आते हैं।

WhatsApp0 Facebook 0 Twitter/X 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version