बलौदाबाजार/पलारी: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ पलारी क्षेत्र में एक गर्भवती महिला की झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक में इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद हड़कंप मच गया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि मामले की सूचना पुलिस को दिए बिना ही मृतका का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
सर्दी-खांसी का इलाज कराने गई थी महिला
जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिला पिछले कुछ दिनों से सर्दी और खांसी से परेशान थी। वह गांव के ही एक क्लिनिक में इलाज कराने पहुंची थी, जिसे कथित तौर पर एक झोलाछाप डॉक्टर और स्थानीय सरपंच मिलकर संचालित कर रहे थे। परिजनों का कहना है कि महिला ठीक-ठाक हालत में क्लिनिक गई थी।
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अचानक बिगड़ी तबीयत: नाक से खून और बेहोशी
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, क्लिनिक में इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद महिला की स्थिति अचानक बिगड़ने लगी।
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उसे तेज उल्टियां होने लगीं।
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नाक से खून बहने लगा और वह कुछ ही पलों में बेहोश हो गई।
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आनन-फानन में झोलाछाप डॉक्टर ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पलारी रेफर कर दिया।
जब महिला को पलारी अस्पताल ले जाया गया, तो वहां डॉक्टरों ने उसे देखते ही ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत) घोषित कर दिया। सरकारी डॉक्टरों के मुताबिक, महिला की जान रास्ते में ही जा चुकी थी।
बिना पोस्टमॉर्टम अंतिम संस्कार, उठे सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासन और कानूनी प्रक्रिया पर उठ रहा है। इतनी संदिग्ध स्थिति में मौत होने के बावजूद महिला का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया। बताया जा रहा है कि प्रभाव और रसूख के चलते मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई और पुलिस को सूचना दिए बिना ही आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ग्रामीणों में आक्रोश, स्वास्थ्य विभाग पर सवाल
घटना के बाद से इलाके के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि जिले के ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैला हुआ है, जो लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इन अवैध क्लिनिकों पर समय रहते कार्रवाई न होना इस तरह के हादसों को दावत दे रहा है।
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