- नशे में ड्राइविंग: पुलगांव चौक पर चेकिंग के दौरान एक वेगनआर चालक शराब के नशे में पाया गया।
- वीआईपी हस्तक्षेप: जिला पंचायत सदस्य आशा मिश्रा और उनके पति विक्की मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर पुलिस कार्रवाई रोकी।
- आरोपी फरार: हंगामे का फायदा उठाकर पुलिस की गिरफ्त से आरोपी चालक को भगा दिया गया।
- कानूनी कार्रवाई: सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस से बदसलूकी के आरोप में विक्की मिश्रा पर केस दर्ज।
CG NEWS : दुर्ग — छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सत्ता का रसूख और कानून की धज्जियां उड़ाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलगांव थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्य आशा मिश्रा और उनके पति विक्की मिश्रा ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ न केवल धक्का-मुक्की की, बल्कि सरेआम गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
घटना 11 मार्च की रात की है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस की टीम पुलगांव चौक पर सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। रात करीब 9:15 बजे, पुलिस ने एक वेगनआर कार (चालक: तुलसीराम) को रोका। ब्रीथ एनालाइजर से जांच करने पर पुष्टि हुई कि चालक शराब के नशे में गाड़ी चला रहा था।
जब आरक्षक भुमिंद्र वर्मा और उनकी टीम मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई कर रही थी, तभी कोलिहापुरी निवासी विक्की मिश्रा अपनी पत्नी आशा मिश्रा के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने खुद को जनप्रतिनिधि बताते हुए पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि उनके आदमी को छोड़ दिया जाए।
गाली-गलौज और पुलिस को धमकी
पुलिसकर्मियों ने जब कानून का हवाला देते हुए कार्रवाई जारी रखनी चाही, तो विक्की मिश्रा अपना आपा खो बैठे। चश्मदीदों और वायरल वीडियो के अनुसार, उन्होंने पुलिस स्टाफ के साथ बदसलूकी की। आरोप है कि उन्होंने एक आरक्षक को वर्दी उतरवाने और जान से मारने की धमकी दी। इस गहमागहमी के बीच, नशे में धुत आरोपी चालक को मौके से भगा दिया गया, जिससे पुलिस साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकी।
पुलिस की प्रतिक्रिया और दर्ज मामला
“शासकीय कार्य में बाधा डालना और ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करना गंभीर अपराध है। ट्रैफिक प्रभारी पी.डी. चंद्रा की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और कानून अपना काम करेगा।”
— स्थानीय पुलिस प्रशासन, दुर्ग
ट्रैफिक प्रभारी की शिकायत पर पुलगांव थाने में विक्की मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर आगे की साक्ष्य जुटा रही है।
यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां पुलिस के मनोबल पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधियों के इस आचरण की जनता में कड़ी आलोचना हो रही है। यदि इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं होती है, तो फील्ड पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए भविष्य में चेकिंग अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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