यूट्यूब हिस्ट्री ने खोले राज: बीज से बाजार तक की ट्रेनिंग
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी विकास विश्नोई के स्मार्टफोन में अफीम की खेती के हर चरण के वीडियो मौजूद थे। इसमें मिट्टी तैयार करना, बीजों का चयन, पौधों की कटाई और अफीम का दूध निकालने जैसे तकनीकी पहलुओं के ट्यूटोरियल शामिल थे। आरोपी न केवल वीडियो देखता था, बल्कि उसने अफीम को स्थानीय बाजार में खपाने के तरीकों पर भी डिजिटल रिसर्च की थी। पुलिस अब उन चैनल्स और लिंक की भी जांच कर रही है जिन्हें आरोपी फॉलो कर रहा था।
दुर्ग के सभी फार्म-हाउस रडार पर, शुरू होगी सघन जांच
समोदा कांड के बाद दुर्ग पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसपी दुर्ग ने जिले के सभी फार्म-हाउसों की जांच के आदेश दिए हैं। विशेष रूप से अहिवारा, धमधा और पाटन क्षेत्र के वे फार्म हाउस जो शहर से दूर या एकांत में हैं, वहां पुलिस की टीमें औचक निरीक्षण करेंगी। जिला प्रशासन अब उन जमीनों का भी रिकॉर्ड खंगाल रहा है जिन्हें बाहरी लोगों ने लीज या किराए पर लिया है।
“आरोपी के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि उसने सोशल मीडिया का उपयोग अवैध कामों के लिए किया। हमने समोदा के आसपास के अन्य खेतों की भी मैपिंग शुरू कर दी है। जिले में किसी भी तरह की अवैध खेती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
— पुलिस अधिकारी, दुर्ग जिला
इस घटना ने दुर्ग के ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय ग्रामीणों को अब बाहरी किराएदारों को जमीन देने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन कराने की सलाह दी गई है। आने वाले सप्ताह में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी कर सकती है। यदि आप अपने आसपास किसी खेत में संदिग्ध पौधे देखते हैं, तो तुरंत स्थानीय थाने या डायल 112 पर सूचना दें।
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