महिलाओं को राजनीतिक अधिकार दिलाने की मांग तेज, सरकार पर अनदेखी का आरोप
छुरा/गरियाबंद(गंगा प्रकाश)। महिला आरक्षण को लागू नहीं किए जाने के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नगर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए महिला आरक्षण बिल को तत्काल लागू करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व महिला कांग्रेस एवं स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों ने किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी में समान अवसर देने के लिए महिला आरक्षण अत्यंत आवश्यक है, लेकिन केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण विषय पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर केवल घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महिला आरक्षण बिल लंबे समय से लंबित है और इसे लागू करने में लगातार देरी की जा रही है, जो महिलाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती है, तो कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी।
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प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री का पुतला जलाया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में विरोध का माहौल देखने को मिला और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ तीखी नाराजगी जाहिर की।
इस कार्यक्रम में महिला जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मंजू ध्रुव, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष माहेश्वरी शाह, अब्दुल समद खान, जिला उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, पूर्व जिला पदाधिकारी, महिला कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष, जिला सचिव अवधेश प्रधान, प्रभारी महामंत्री हरीश यादव सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
इसके अलावा श्वेता चंद्राकर, चित्रसेन डडसेना, चेतन ठाकुर (मंडल अध्यक्ष चरोदा), पंच राम टंडन (नेता प्रतिपक्ष, नगर पंचायत छुरा), रामजी दीवान, दीप्ति यादव, यामीन खान, शैलेन्द्र दीक्षित, अखिल चौबे (सेक्टर अध्यक्ष), कलाम अली, विकास दुबे, वीरेंद्र निर्मलकर, आफताब खान, खिलेश साहू, रियाज साहिल, झम्मन ध्रुव, धनराज साहू, मेमन ध्रुव, खेमचंद निषाद, राहुल, टीकुष सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
अंत में प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि महिला आरक्षण केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता का प्रश्न है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए महिला आरक्षण बिल को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।
