‘मदर ऑफ ऑल डील्स’: 114 राफेल लड़ाकू विमानों की वापसी
इस मेगा मंजूरी का सबसे अहम हिस्सा 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) की खरीद है। फ्रांस के साथ होने वाली इस डील को रक्षा जगत में ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। खास बात यह है कि इनमें से अधिकांश विमानों का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में ही किया जाएगा। इसके अलावा, वायु सेना को लंबी दूरी तक मार करने वाली स्कैल्प (Scalp) क्रूज मिसाइलें भी मिलेंगी, जो गहरी मारक क्षमता सुनिश्चित करेंगी।
अमेरिका और रूस के साथ संतुलन: P-8I और S-400 मिसाइलें
भारत ने केवल फ्रांस ही नहीं, बल्कि अमेरिका और रूस के साथ भी बड़े सौदों को आगे बढ़ाया है। नौसेना की निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिका से 6 नए P-8I समुद्री टोही विमान खरीदे जाएंगे। वहीं, पाकिस्तान सीमा पर तैनात ‘सुदर्शन’ (S-400) एयर डिफेंस सिस्टम को और घातक बनाने के लिए रूस से बड़ी संख्या में मिसाइलों की खरीद को हरी झंडी मिली है। यह भारत की उस रणनीति को दर्शाता है जहाँ वह किसी एक गुट का हिस्सा न बनकर अपनी जरूरतों के हिसाब से दुनिया के हर बड़े पावर के साथ खड़ा है।
“इन प्रस्तावों की मंजूरी से हमारी तीनों सेनाओं की युद्धक क्षमता और ऑपरेशनल तैयारियों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होगी। स्वदेशी विभव माइन्स और टैंकों का आधुनिकीकरण ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में मील का पत्थर है।”
— आधिकारिक प्रवक्ता, रक्षा मंत्रालय
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