कारली पुलिस लाइन में रणनीतिक मंथन: ऑपरेशनों की री-डिजाइनिंग पर फोकस
बैठक के दौरान DGP ने जमीनी इनपुट्स के आधार पर नक्सल विरोधी ऑपरेशनों को री-डिजाइन करने के निर्देश दिए। सूत्रों के अनुसार, अब सुरक्षा बल केवल रक्षात्मक नहीं बल्कि आक्रामक रुख अपनाते हुए नक्सलियों के कोर इलाकों में पैठ बनाएंगे। 31 मार्च की डेडलाइन को देखते हुए बस्तर के अंदरूनी इलाकों में नए कैंप स्थापित करने और खुफिया नेटवर्क को और अधिक मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक में बस्तर आईजी, दंतेवाड़ा एसपी और सुरक्षा बलों के अन्य शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
जवानों का मनोबल बढ़ाने की कवायद
रणनीतिक चर्चा के अलावा, DGP का यह दौरा जवानों के साथ भावनात्मक जुड़ाव के लिए भी है। वे आने वाले होली के त्योहार को दंतेवाड़ा के सुदूर इलाकों में तैनात सुरक्षा बल के जवानों के साथ मनाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवानों के बीच मुखिया की मौजूदगी से उनका मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचता है।
“नक्सलवाद के खिलाफ जंग अब अपने अंतिम और सबसे निर्णायक चरण में है। हम हर उस इलाके तक पहुंच रहे हैं जिसे कभी ‘नो-गो ज़ोन’ माना जाता था। जवानों का साहस और नई रणनीति 31 मार्च के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होगी।”
— आधिकारिक पुलिस सूत्र (बैठक के बाद), कारली पुलिस लाइन
DGP के दौरे और ऑपरेशनों की नई रणनीति के चलते दंतेवाड़ा-जगदलपुर मार्ग और संवेदनशील अंदरूनी सड़कों पर सर्चिंग बढ़ा दी गई है। यात्री बसों और निजी वाहनों की चेकिंग कारली और गीदम नाका पर सघन रूप से की जा रही है। स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे देर रात अंदरूनी इलाकों की यात्रा करने से बचें। आने वाले दिनों में बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों की हलचल और तेज होने की संभावना है।
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