रायपुर। देश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी तैयारी को मजबूत करते हुए कई राज्यों में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
इस साल असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि अभी चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक दलों ने चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
असम चुनाव में छत्तीसगढ़ नेताओं की तैनाती
बीजेपी ने असम विधानसभा चुनाव को लेकर खास रणनीति बनाई है। पार्टी ने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है।
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अरुण साव को 10 विधानसभा क्षेत्रों की कमान दी गई है।
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ओपी चौधरी को भी 10 सीटों का जिम्मा सौंपा गया है।
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विजय बघेल (सांसद, दुर्ग) को भी 10 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है।
पार्टी का मानना है कि इन नेताओं के संगठनात्मक अनुभव से चुनावी अभियान को मजबूती मिलेगी।
पश्चिम बंगाल में भी छत्तीसगढ़ नेताओं को बड़ी भूमिका
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी छत्तीसगढ़ के नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी गई है।
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पवन साय को पश्चिम बंगाल का संगठनात्मक दायित्व सौंपा गया है।
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उनके साथ राजेश मूणत और वरिष्ठ नेता शिवरतन शर्मा भी चुनावी मोर्चा संभालेंगे।
चुनावी तैयारियों में तेजी
हालांकि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन बीजेपी ने पहले ही अपने चुनाव प्रबंधन और संगठन को सक्रिय कर दिया है। पार्टी की रणनीति साफ है—अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी देकर राज्यों में संगठन को मजबूत करना और चुनावी तैयारियों को समय से पहले धार देना।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनावों में यह रणनीतिक नियुक्तियां चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं।
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