डीपीआई के आदेश के बाद भी अधूरी प्रक्रिया से शिक्षकों में नाराजगी
बार-बार रायपुर के चक्कर काटने को मजबूर पदोन्नत शिक्षक
सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपा सामूहिक ज्ञापन, जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन के संकेत
रायपुर/गरियाबंद/छुरा (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ में शिक्षक एल.बी.टी. संवर्ग से व्याख्याता एल.बी.टी. संवर्ग में पदोन्नत हुए शिक्षकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। शासन द्वारा पदोन्नति आदेश जारी किए जाने और काउंसलिंग सूची प्रकाशित होने के बावजूद पांच माह बीत जाने के बाद भी पदांकन नहीं होने से शिक्षकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
पदोन्नत शिक्षकों ने सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन नया रायपुर को सामूहिक ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र काउंसलिंग एवं पदांकन कराने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर द्वारा आदेश क्रमांक 605 दिनांक 26 दिसंबर 2025 को व्याख्याता एल.बी.टी. संवर्ग में पदोन्नति आदेश जारी किया गया था। इसके बाद आदेश क्रमांक 638 दिनांक 14 जनवरी 2026 को काउंसलिंग सूची भी जारी कर दी गई, लेकिन आज तक पदांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
ज्ञापन में शिक्षकों ने कहा कि डीपीआई रायपुर द्वारा प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को 30 जून 2026 तक शिक्षक संवर्ग और लिपिक संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए हैं, इसके बावजूद व्याख्याता एल.बी.टी. संवर्ग के पदोन्नत शिक्षकों की फाइलें अब भी अटकी हुई हैं।
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कागजों में व्याख्याता, जमीन पर अब भी शिक्षक
पदोन्नत शिक्षकों का कहना है कि शासन ने उन्हें कागजों में तो व्याख्याता बना दिया, लेकिन वास्तविक जिम्मेदारी अब तक नहीं मिली। कई शिक्षक लगातार रायपुर स्थित डीपीआई कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। आर्थिक खर्च बढ़ने के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ता जा रहा है।
शिक्षकों ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि बार-बार आवेदन और मौखिक अनुरोध के बावजूद केवल आश्वासन ही मिल रहा है। विभागीय सुस्ती के कारण न केवल शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है, बल्कि स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
शासन से जल्द निर्णय लेने की मांग
पदोन्नत व्याख्याताओं ने मांग की है कि तत्काल काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्ण कर पदांकन आदेश जारी किए जाएं, ताकि उन्हें पदोन्नति का वास्तविक लाभ मिल सके। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय तक प्रक्रिया लंबित रहने से उनका मनोबल टूट रहा है और विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के पदोन्नत शिक्षकों ने हस्ताक्षर कर अपनी एकजुटता दिखाई है। शिक्षकों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक आंदोलन, धरना प्रदर्शन और आगे की रणनीति बनाने को मजबूर होंगे।
