रायपुर। राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवगाथा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का समापन समारोह 16 जनवरी को ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरंग की पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श और द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सतत विकास की कामना की।
समारोह में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएँ की। समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और वहाँ पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की गई। मोरध्वज महोत्सव के लिए शासकीय अनुदान को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की भी घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर और अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को प्राथमिकता देती है। संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की पहचान है।
समारोह में मुख्यमंत्री ने सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम और भगवान बागेश्वरनाथ की आकृतियाँ उकेरने के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कलाकार की सृजनशीलता और समर्पण की सराहना की और भविष्य में प्रदेश का नाम रोशन करने की शुभकामनाएँ दीं।
समापन समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, सांसद विजय बघेल, विधायक इंद्रकुमार साहू समेत अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और प्रदेशवासियों को महोत्सव की शुभकामनाएँ दीं।
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