हेल्थ अलर्ट— स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दखल के बीच विशेषज्ञों ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। सिताराम भार्तिया इंस्टीट्यूट आफ साइंस एंड रिसर्च के उप चिकित्सा निदेशक डॉ. जितेंद्र नागपाल ने स्पष्ट किया है कि जनरेटिव AI टूल्स का उपयोग खुद से बीमारी का पता लगाने (Self-Diagnosis) और इलाज (Self-Treatment) के लिए करना मरीजों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक कभी भी मानवीय सूझबूझ और डॉक्टरी परामर्श का विकल्प नहीं ले सकती।

हेल्थ अलर्ट: AI से खुद का इलाज करना जानलेवा? विशेषज्ञ ने दी ‘सेल्फ-डायग्नोसिस’ पर कड़ी चेतावनी

health alert

डॉक्टर की जगह नहीं, केवल ‘सक्षम परत’ है AI

डॉ. नागपाल के अनुसार, AI स्वास्थ्य सेवा वितरण में केवल एक ‘इनेबलिंग लेयर’ (सक्षम परत) के रूप में कार्य कर रहा है। यह डॉक्टरों के निर्णय लेने की प्रक्रिया को सरल बना सकता है, लेकिन उसे पूरी तरह से रिप्लेस नहीं कर सकता। भारत जैसे देश में, जहां स्वास्थ्य प्रणाली पर काम के बोझ और सीमित संसाधनों का भारी दबाव है, वहां AI की भूमिका केवल दक्षता और सुरक्षा बढ़ाने तक सीमित होनी चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि मरीज अक्सर इंटरनेट और AI चैटबॉट्स पर मिलने वाली जानकारी को अंतिम सच मान लेते हैं, जिससे गलत दवाइयां लेने या गंभीर बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज करने का खतरा बढ़ जाता है।

Voices from the Ground / Official Statements

“AI स्वास्थ्य पेशेवरों को मरीजों की देखभाल पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है, न कि उनके विवेक की जगह लेता है। यह प्रशासनिक और क्लिनिकल प्रक्रियाओं में गति और सटीकता लाने का एक साधन है।”
— डॉ. जितेंद्र नागपाल, उप चिकित्सा निदेशक, सिताराम भार्तिया इंस्टीट्यूट

प्रशासनिक कार्यों में सुधार, पर क्लिनिकल जोखिम बरकरार

रिपोर्ट के अनुसार, AI का सबसे सकारात्मक प्रभाव अस्पताल के उन कामों पर पड़ा है जिनमें डॉक्टरों का काफी समय बर्बाद होता था। इसमें निम्नलिखित प्रक्रियाएं शामिल हैं:

  • रिकॉर्ड कीपिंग और डॉक्यूमेंटेशन: मरीजों का डाटा व्यवस्थित करना अब तेज हो गया है।
  • रिपोर्टिंग और ऑडिट: सटीक रिपोर्ट तैयार करने में AI सहायक सिद्ध हो रहा है।
  • संक्षेपण (Summarization): लंबी मेडिकल हिस्ट्री को छोटे और समझने योग्य फॉर्मैट में बदलना।

इन सुधारों के बावजूद, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी एआई-जेनरेटेड स्वास्थ्य सलाह पर अमल करने से पहले नजदीकी क्लिनिक या योग्य डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। डिजिटल जानकारी केवल जागरूकता के लिए है, उपचार के लिए नहीं।


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