ICGS Samudra Pratap , नई दिल्ली/गोवा। भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) की ताकत में एक ऐतिहासिक इजाफा हुआ है। आज भारतीय तटरक्षक बल को उसका पहला पूरी तरह स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत (Pollution Control Vessel – PCV) आईसीजीएस ‘समुद्र प्रताप’ औपचारिक रूप से प्राप्त हुआ। इस अत्याधुनिक पोत को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
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रक्षा मंत्री ने किया कमीशन
गोवा में आयोजित एक भव्य समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल के नए जहाज ICGS समुद्र प्रताप को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, तटरक्षक महानिदेशक परमेश सिवमणि समेत कई वरिष्ठ सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
क्या है ‘समुद्र प्रताप’ की खासियत
‘समुद्र प्रताप’ का अर्थ है समुद्र की गरिमा। यह पोत विशेष रूप से समुद्र में फैलने वाले तेल रिसाव, रासायनिक प्रदूषण और अन्य पर्यावरणीय खतरों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है।
अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस
आईसीजीएस समुद्र प्रताप न सिर्फ प्रदूषण नियंत्रण में सक्षम है, बल्कि यह आधुनिक हथियार प्रणालियों से भी लैस है। इससे यह पोत समुद्री सुरक्षा अभियानों, निगरानी और आपातकालीन स्थितियों में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकेगा। इसमें हाई-टेक सेंसर्स, प्रदूषण संग्रह प्रणाली और उन्नत संचार उपकरण लगाए गए हैं।
समुद्री सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
इस नए स्वदेशी पोत के शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमता और अधिक मजबूत होगी। यह जहाज भारत के विशाल समुद्री क्षेत्र में पर्यावरणीय खतरों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम होगा, जिससे समुद्र में होने वाले प्रदूषण को समय रहते नियंत्रित किया जा सकेगा।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ‘समुद्र प्रताप’ का निर्माण भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस तरह के स्वदेशी जहाज न केवल देश की सुरक्षा को मजबूत करते हैं, बल्कि रोजगार और तकनीकी विकास को भी बढ़ावा देते हैं।
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