नई दिल्ली। आर्थिक मोर्चे पर देश के लिए राहत भरी और सकारात्मक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह पिछले वित्त वर्ष में दर्ज 6.5 प्रतिशत की वृद्धि से कहीं बेहतर मानी जा रही है।
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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मजबूत घरेलू मांग, औद्योगिक उत्पादन में सुधार और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन के चलते आर्थिक रफ्तार में तेजी आने की संभावना है। निवेश गतिविधियों में बढ़ोतरी और बुनियादी ढांचे पर जोर भी GDP ग्रोथ को मजबूती देने वाले प्रमुख कारक बताए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और महंगाई नियंत्रण में रहती है, तो भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
