मैदान पर भावुक पल: भारतीय टीम का बड़ा दिल
मैच शुरू होने से पहले ही माहौल काफी भावुक था। जैसे ही एलिसा हीली बल्लेबाजी के लिए क्रीज की ओर बढ़ीं, हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने खेल भावना की मिसाल पेश की। नीली जर्सी में सजे भारतीय खिलाड़ियों ने दो कतारों में खड़े होकर हीली को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच हीली मैदान पर आईं, जो उनके 16 साल लंबे शानदार करियर के प्रति सम्मान का प्रतीक था।
हीली का तूफान: 27 चौके और 2 छक्कों से दहला भारत
अपने विदाई मैच में हीली ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने अपना आठवां वनडे शतक मात्र 79 गेंदों में पूरा किया। इसके बाद उन्होंने और भी खतरनाक रूप अख्तियार किया और अगले 58 रन सिर्फ 19 गेंदों में ठोक दिए।
- हीली ने अपनी पारी में कुल 27 चौके और 2 छक्के लगाए।
- उन्होंने जॉर्जिया वोल (62) के साथ दूसरे विकेट के लिए 104 और बेथ मूनी (106*) के साथ तीसरे विकेट के लिए 145 रनों की साझेदारी की।
- अंत में वह स्नेह राणा की गेंद पर आउट हुईं, जिसके बाद पूरे स्टेडियम ने खड़े होकर उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया।
“एलिसा हीली एक लीजेंड हैं। उनके खिलाफ इतने सालों तक खेलना सम्मान की बात रही। आज का गार्ड ऑफ ऑनर उस महान खिलाड़ी के लिए एक छोटा सा तोहफा था जिसने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।”
— हरमनप्रीत कौर, कप्तान, भारतीय महिला टीम
ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवरों में 409/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया है, जो भारत के खिलाफ उनका सबसे बड़ा स्कोर है। भारतीय गेंदबाजों के लिए आज का दिन काफी कठिन रहा, जहां श्री चरानी ने 106 और दीप्ति शर्मा ने 90 रन लुटाए। इस मैच के बाद हीली अब 6 मार्च से पर्थ में शुरू होने वाले इकलौते टेस्ट मैच में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलेंगी। नागरिकों के लिए जानकारी है कि सीरीज पहले ही ऑस्ट्रेलिया के नाम (2-1) हो चुकी है, लेकिन यह मैच हीली की विदाई के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।
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