नई दिल्ली। देशभर में इंडिगो की कई फ्लाइट्स में आई रुकावट और बड़े पैमाने पर उड़ानों के कैंसल या देरी होने के बाद केंद्र सरकार ने हाई-लेवल जांच के आदेश दे दिए हैं। मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने कहा है कि यात्रियों को हुई परेशानी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और इंडिगो की सर्विस में क्या खामी आई, इसकी गहन जांच की जाएगी।
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“जहां जरूरी होगा, तय की जाएगी जवाबदेही” — सिविल एविएशन मंत्रालय
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जांच में यह पता लगाया जाएगा—
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इंडिगो की सेवाओं में रुकावट क्यों आई
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सिस्टम में क्या गलत हुआ
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कौन जिम्मेदार है
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और भविष्य में ऐसी स्थिति कैसे रोकी जा सकती है
सरकार ने कहा कि जहां भी आवश्यक होगा, जवाबदेही तय की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को भविष्य में ऐसी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
सीनियर सिटीजन, स्टूडेंट्स और मरीजों के हित में बड़ा फैसला
सिविल एविएशन मंत्रालय ने बयान में कहा कि इस पूरे मामले को ध्यान में रखते हुए, खासकर उन यात्रियों को देखते हुए जो—
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सीनियर सिटीजन
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स्टूडेंट्स
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मरीज
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और अन्य जरूरी कारणों से हवाई यात्रा पर निर्भर
हैं, किसी भी प्रकार का एयर सेफ्टी से समझौता किए बिना उपयुक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
DGCA के FDTL ऑर्डर पर तुरंत रोक
मंत्रालय ने यह भी घोषणा की कि DGCA के फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) ऑर्डर को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। यह निर्णय यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सरकार का कहना है कि नई परिस्थितियों के चलते इस ऑर्डर को लागू करने से फ्लाइट संचालन प्रभावित हो रहा था, इसलिए इसे फिलहाल स्थगित किया जा रहा है।
फ्लाइट रुकावटों पर सरकार की नजर
पिछले दो दिनों में बड़ी संख्या में इंडिगो की उड़ानों में देरी और रद्द होने की वजह से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
अब हाई-लेवल जांच से यह स्पष्ट होगा कि तकनीकी कारण, स्टाफ की कमी या अन्य परिचालन संबंधी समस्याएं जिम्मेदार थीं।
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