Jamsetji Tata Birthday , नई दिल्ली — भारतीय उद्योग जगत के पितामह कहे जाने वाले जमशेदजी टाटा (Jamsetji Tata) का आज जन्मदिन है। दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में फैला टाटा ग्रुप आज जिस ऊंचाई पर है, उसकी नींव 158 साल पहले रखी गई थी। साल 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक, ग्रुप का कुल रेवेन्यू 16,50,471 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, 31 मार्च 2025 तक इस ग्रुप की कुल मार्केट कैपिटल 30,07,525 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। लेकिन इस विशाल साम्राज्य की शुरुआत किसी बड़े निवेश से नहीं, बल्कि मात्र 21,000 रुपये की छोटी सी पूंजी से हुई थी।
कपड़ा मिल से ‘टाटा संस’ तक का सफर
3 मार्च 1839 को गुजरात के नवसारी में जन्मे जमशेदजी ने अपना करियर पिता की एक्सपोर्ट फर्म से शुरू किया था। 1868 में उन्होंने खुद का कारोबार शुरू किया। उन्होंने दिवालिया हो चुकी एक तेल मिल को खरीदा और उसे कपड़ा मिल में बदल दिया। बाद में उन्होंने जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर की कल्पना की, जो आज दुनिया भर में स्टील उत्पादन का बड़ा केंद्र है। 1904 में उनके निधन तक टाटा ग्रुप ने न केवल व्यापार, बल्कि शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी बड़े संस्थान खड़े कर दिए थे।
“जमशेदजी टाटा ने केवल एक बिजनेस ग्रुप नहीं बनाया, बल्कि उन्होंने आत्मनिर्भर भारत का ब्लूप्रिंट तैयार किया था। उनके ‘प्रॉफिट के साथ परोपकार’ के मॉडल को आज भी दुनिया भर के बिजनेस स्कूलों में पढ़ाया जाता है।”
— सीनियर कॉर्पोरेट एनालिस्ट, मुंबई
टाटा ग्रुप आज नमक से लेकर सॉफ्टवेयर और कारों से लेकर हवाई जहाजों तक में अपनी धाक जमाए हुए है। हाल के बजट सत्र और 2026 की आर्थिक टाटा के शेयरों ने मध्यम वर्ग के निवेशकों को सबसे स्थिर रिटर्न दिया है। आज के दिन देश भर के टाटा स्टील और टाटा मोटर्स के प्लांटों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जमशेदपुर (टाटा नगर) में जुबली पार्क को भव्य तरीके से सजाया गया है, जहां हजारों लोग अपने संस्थापक को श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं।
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