लखनऊ। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के ज्यूपिटर हॉल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया और महर्षि वाल्मीकि का भावपूर्ण स्मरण किया।
सीएम योगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि महापुरुषों की परंपरा के सच्चे मार्गदर्शक हैं। उन्होंने बताया कि लोक और मानव कल्याण के लिए वाल्मीकि ने देवऋषि नारद से प्रश्न किया था कि ऐसा कौन व्यक्ति है, जिसके चरित्र पर मैं कुछ लिख सकूं। यह दर्शाता है कि चरित्र ही किसी कार्य और समाज कल्याण का आधार बन सकता है।
Shiva Temple : धार्मिक स्थल पर पेशाब से भड़का गुस्सा: हिंदू संगठन ने मुस्लिम बस्ती में की तोड़फोड़
मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित महाकाव्य रामायण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसने लोगों को भगवान राम के चरित्र और आदर्श जीवन से परिचित कराया। उन्होंने वाल्मीकि की शिक्षाओं को वर्तमान समय में भी अनुकरणीय बताया।
कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों और विद्वानों ने भी महर्षि वाल्मीकि के योगदान पर चर्चा की और उनके आदर्शों को समाज में अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
There is no ads to display, Please add some


