10 पंचायतों की राह खुलवाने वैकल्पिक मार्ग का काम शुरू, छुरा शहर में चौपाल लगाकर लिए फैसले; टिन शेड की जगह अब बनेगा भव्य डोम, सड़क-नाली और तालाबों के लिए स्टीमेट तैयार करने के निर्देश
छुरा(गंगा प्रकाश)। बारिश ने जहां कोसमबुड़ा–सारागांव–चूरकीदादर मार्ग के क्षतिग्रस्त पुल के जरिए करीब 10 पंचायतों की आवाजाही पर ब्रेक लगा दिया था, वहीं बुधवार को राजिम विधायक रोहित साहू ने मौके पर पहुंचकर इस समस्या को तत्काल राहत देने की कोशिश की। पुल का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने अधिकारियों का इंतजार नहीं किया, बल्कि मौके से ही जेसीबी और ट्रैक्टर बुलवाए और वैकल्पिक रास्ते को चालू कराने का काम शुरू करा दिया।
इसी दिन छुरा नगर में भी विधायक की सक्रियता देखने को मिली। प्रसिद्ध शीतला मंदिर परिसर में नीम पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर उन्होंने नगरवासियों, पार्षदों और जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया। यानी एक तरफ ग्रामीणों की बंद राह खोलने की कवायद हुई तो दूसरी तरफ नगर के विकास से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों के सामने मौके पर ही निर्णय और निर्देश दिए गए।
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पुल टूटा तो सड़क नहीं, पूरी जिंदगी की रफ्तार थम गई
कोसमबुड़ा–सारागांव–चूरकीदादर मार्ग का क्षतिग्रस्त पुल आसपास के करीब 10 पंचायतों के लिए महज एक पुल नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी की महत्वपूर्ण कड़ी है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों, किसानों और जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं।
बारिश के बीच रास्ता बाधित होने की जानकारी के बाद विधायक रोहित साहू स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुल की स्थिति देखी और ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर समस्या की गंभीरता समझी।
इसके बाद मौके पर ही अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई। विधायक ने साफ कहा कि स्थायी निर्माण में समय लग सकता है, लेकिन तब तक जनता को रास्ते के लिए इंतजार नहीं कराया जा सकता।
निर्देश मिलते ही जेसीबी और ट्रैक्टर मौके पर पहुंचाए गए और वैकल्पिक मार्ग को दुरुस्त करने का काम शुरू हुआ।
बच्चों से पूछा—स्कूल जाने में कितनी परेशानी है?
पुल निरीक्षण के दौरान विधायक ने स्कूली बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों से जानना चाहा कि पुल टूटने के बाद स्कूल आने-जाने में उन्हें कितनी परेशानी हो रही है।
बच्चों और ग्रामीणों की बात सुनने के बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैकल्पिक मार्ग केवल कागज पर तैयार न हो, बल्कि बारिश के दौरान भी सुरक्षित और उपयोगी रहे।
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि जनता का आवागमन लंबे समय तक बाधित नहीं होना चाहिए। तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के साथ क्षतिग्रस्त पुल के स्थायी समाधान की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाए।
टूटे पुल के पास चौपाल, अधिकारियों से सीधे सवाल-जवाब
इस दौरान टूटे पुल के पास ही चौपाल का माहौल बन गया। ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी आमने-सामने बैठे और पुल की स्थिति, वैकल्पिक मार्ग तथा स्थायी समाधान पर चर्चा हुई।
मौके पर अधिकारियों को समस्या की गंभीरता समझाते हुए विधायक ने बारिश के दौरान ऐसी परिस्थितियों में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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फिर शीतला मंदिर में बदला मुद्दा—अब टिन शेड नहीं, बनेगा भव्य डोम
ग्रामीण क्षेत्र की समस्या देखने के बाद छुरा नगर में विधायक की चौपाल का केंद्र शीतला मंदिर बना। यहां धार्मिक स्थल के विकास को लेकर उन्होंने एक महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी दी।
विधायक ने बताया कि चुनाव के दौरान शीतला मंदिर परिसर में टिन शेड निर्माण की घोषणा की गई थी। इसके लिए स्वीकृति भी मिल गई थी। लेकिन मौके का निरीक्षण करने पर उन्हें लगा कि मंदिर परिसर की जरूरत और भविष्य के आयोजनों को देखते हुए टिन शेड पर्याप्त नहीं होगा।
यही वजह रही कि अब टिन शेड के स्थान पर भव्य डोम निर्माण कराने की दिशा में पहल की जा रही है।
शीतला मंदिर में धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए डोम को अधिक उपयोगी और स्थायी सुविधा के रूप में देखा जा रहा है।
नगर की सड़क और नालियों का भी बनेगा हिसाब
चौपाल में नगरवासियों और पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की समस्याएं विधायक के सामने रखीं। कहीं नाली की जरूरत बताई गई तो कहीं सड़क सुधार की मांग उठी। नगर के तालाबों के सौंदर्यीकरण का मुद्दा भी सामने आया।
विधायक ने नगर पंचायत के सीएमओ को निर्देशित किया कि प्राथमिकता वाले कार्यों का आकलन कर सड़क, नाली निर्माण और तालाब सौंदर्यीकरण के लिए स्टीमेट तैयार किया जाए।
अब इन प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने और निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार नगरवासियों को है।
प्रमाण पत्र के लिए कार्यालयों के चक्कर से मिलेगी राहत?
चौपाल में जाति और निवास प्रमाण पत्र को लेकर भी लोगों ने अपनी परेशानी बताई। लोगों का कहना था कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
नगरवासियों ने छुरा में विशेष शिविर लगाकर जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने की मांग की। विधायक ने इस दिशा में आवश्यक पहल करने का भरोसा दिलाया।
शराब दुकान के स्थानांतरण पर भी मौके से शुरू हुई कवायद
चौपाल में कोमाखान स्थित शराब दुकान को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग भी प्रमुखता से उठी। स्थानीय लोगों ने वर्तमान स्थान को लेकर अपनी आपत्तियां और परेशानियां विधायक के सामने रखीं।
मामले को लेकर विधायक ने मौके पर ही एसडीएम विशाल महाराणा से चर्चा की और स्थानांतरण में आ रही प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने तथा आवश्यक कार्रवाई की दिशा में पहल करने के निर्देश दिए।
सियासत से ऊपर उठकर कांग्रेस पार्षद ने भी सराहा
चौपाल में कांग्रेस पार्षद सलीम मेमन द्वारा विधायक की पहल की सराहना किए जाने की बात भी चर्चा में रही। उन्होंने कहा कि जनता के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनना और संबंधित अधिकारियों के सामने तत्काल समाधान की दिशा में बात रखना सकारात्मक पहल है।
इससे चौपाल में राजनीतिक मतभेदों के बजाय स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता देने का संदेश भी सामने आया।
एक दिन में दो तस्वीरें, अब नजर परिणाम पर
बुधवार को छुरा क्षेत्र में विधायक रोहित साहू की सक्रियता की दो अलग तस्वीरें सामने आईं। एक ओर टूटे पुल के कारण परेशान ग्रामीणों के लिए तत्काल वैकल्पिक रास्ते का काम शुरू कराया गया, वहीं दूसरी ओर नगर में चौपाल लगाकर विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने की कोशिश हुई।
लेकिन अब असली परीक्षा इन निर्देशों के अमल की है। वैकल्पिक रास्ता कितनी जल्दी और कितना सुरक्षित बनता है, क्षतिग्रस्त पुल का स्थायी समाधान कब शुरू होता है, शीतला मंदिर में प्रस्तावित भव्य डोम कब आकार लेता है और सड़क-नाली व तालाबों के प्रस्ताव कब जमीन पर उतरते हैं—इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मिलेंगे।
फिलहाल विधायक की इस पहल से ग्रामीणों को तत्काल आवागमन की राहत की उम्मीद और नगरवासियों को विकास कार्यों के आगे बढ़ने की उम्मीद बंधी है।
