हर साल मोक्षदा एकादशी के दिन गीता जयंती मनाई जाती है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को भगवद गीता का ज्ञान देने के स्मरण में महत्वपूर्ण माना जाता है। गीता जयंती पर श्रद्धालु भगवत गीता का पाठ करते हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव की कामना करते हैं।
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गीता पाठ के दौरान अपनाएँ ये नियम
शास्त्रों के अनुसार, गीता पाठ का पूरा लाभ पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है।
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स्वच्छता और पवित्रता: पाठ से पहले स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
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संतुलित स्थान: किसी शांत और स्वच्छ स्थान पर आसन बिछाकर बैठें।
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ध्यान लगाएँ: भगवान का ध्यान करते हुए गीता पाठ शुरू करें।
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समान विचार: पाठ के दौरान मन को एकाग्र रखें और किसी भी प्रकार की मानसिक व्याकुलता से बचें।
गीता जयंती का महत्व
भगवद गीता हिंदू धर्म का एक पवित्र ग्रंथ है, जिसमें कर्म, भक्ति और ज्ञान मार्ग के बारे में गहन ज्ञान दिया गया है। गीता पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में धैर्य, संतुलन और मानसिक शांति बढ़ती है।
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