बीजापुर – स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर शासन के तमाम दावों के बीच भैरमगढ़ क्षेत्र से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की गंभीर तस्वीर सामने आई है। कोतरापाल के डुवालीपारा में मोटली कोहरमी पति सुनील ने गुरुवार सुबह करीब 5 बजे एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद परिजनों ने एंबुलेंस के लिए कॉल किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरन मां को नवजात बच्चे के साथ करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) माटवाड़ा पहुंचना पड़ा।

 

सबसे गंभीर बात यह रही कि जिस स्वास्थ्य केंद्र में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद थी, वहां पहुंचने पर केंद्र बंद मिला। प्रसूता और नवजात बच्चे को लेकर परिजन घंटों स्वास्थ्यकर्मी का इंतजार करते रहे, लेकिन मौके पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।

 

मामले की जानकारी मिलने के बाद “प्रदेश खबरदार” की टीम ने दोपहर करीब 1:34 बजे भैरमगढ़ बीएमओ रमेश तिग्गा को इसकी सूचना दी। बीएमओ ने जल्द स्वास्थ्यकर्मी के पहुंचने का आश्वासन दिया। करीब तीन मिनट बाद बीएमओ की ओर से दोबारा फोन कर बताया गया कि सीएचओ अवकाश पर हैं एएनएम दुर्गा टीकाकरण के लिए गई हैं कुछ ही देर में केंद्र पहुंच जाएंगी।

 

लेकिन इंतजार के बावजूद स्वास्थ्यकर्मी केंद्र नहीं पहुंचीं। इसके बाद मामले की जानकारी सीएचएमओ बीजापुर बी.आर. पुजारी को दी गई। वहां से भी जल्द व्यवस्था होने का आश्वासन मिला, लेकिन काफी देर तक मौके पर कोई स्वास्थ्यकर्मी नहीं पहुंचा।

 

*एएनएम ने बताया – टीकाकरण में गई थी*

 

इस मामले में एएनएम दुर्गा कोटरंगी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वह टीकाकरण के लिए गई थीं। उनके अनुसार दूर-दराज से माताएं और बच्चे टीकाकरण के लिए पहुंचे थे, इसलिए सभी का टीकाकरण करने के बाद वह करीब 2 बजे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं।

 

एएनएम ने यह भी बताया कि केंद्र में वह अकेली कार्यरत हैं। ज्योति कोर्राम सीएचओ अवकाश पर हैं, जिसके कारण फिलहाल स्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेदारी अकेले उनके ऊपर है।

 

*कर्मचारी अवकाश पर तो वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं?*

 

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर उठ रहा है। यदि स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सीएचओ अवकाश पर थीं और एएनएम को टीकाकरण जैसे कार्य की जिम्मेदारी है तो वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? एएनएम टीकाकरण के लिए दुसरे स्थान पर थी तो उस अवधि में स्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेदारी किस कर्मचारी को दी गई थी? क्यों विभाग ने पहले से किसी वैकल्पिक स्वास्थ्यकर्मी की ड्यूटी नहीं लगाई? प्रसूता और नवजात जैसी आपात स्थिति के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

 

ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र में एकमात्र कर्मचारी के बाहर जाने की स्थिति में केंद्र को पूरी तरह बंद छोड़ देना क्या उचित है? यह सवाल अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

 

*11 बजे से दोपहर तक इंतजार, फिर भी नहीं मिली सुविधा*

 

बताया गया कि प्रसूता करीब 11 बजे नवजात बच्चे के साथ स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और इसके बाद घंटों स्वास्थ्यकर्मी का इंतजार करना पड़ा। दोपहर तक केंद्र बंद रहा और स्वास्थ्य सुविधा के लिए पहुंची मां को ही स्वास्थ्यकर्मी का इंतजार करना पड़ा।

 

मामला सिर्फ एक स्वास्थ्यकर्मी के अनुपस्थित रहने तक सीमित नहीं है। प्रसव के कुछ घंटे बाद नवजात बच्चे के साथ 5 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंची महिला को यदि तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ती तो जिम्मेदार कौन होता?

 

स्थानीय ग्रामीणों से भी सम्पर्क किया गया उन्होंने बताया कि सरकार दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का दावा करती है, लेकिन जब जरूरत पड़ती है तो न ही एंबुलेंस समय पर पहुंचती है और न ही कभी स्वास्थ्य केंद्र में वैकल्पिक व्यवस्था दिखाई देती है।

 

अब सवाल यह है कि इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदारी तय करेगा या फिर इसे महज एक कर्मचारी की व्यस्तता बताकर मामला खत्म कर दिया जाएगा?

WhatsApp0 Facebook 0 Twitter/X 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version