“धैर्य की सीमा खत्म”: पाकिस्तान का ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सीधा युद्ध का ऐलान करते हुए लिखा, “हमारा धैर्य अब जवाब दे चुका है। अब हमारे और तुम्हारे बीच ओपन वॉर है।” पाकिस्तान ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ का नाम दिया है। पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान सरकार अपनी जमीन का इस्तेमाल भारत के इशारे पर पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद फैलाने के लिए कर रही है।
तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद ने जवाबी हमला करते हुए कहा है कि अफगान सेना ने सीमा पर 19 पाकिस्तानी सैन्य चौकियों और 2 बेस पर कब्जा कर लिया है। तालिबान के अनुसार, गुरुवार रात हुई मुठभेड़ में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जबकि पाकिस्तान ने इन आंकड़ों को सिरे से खारिज किया है।
“तालिबान ने अफगानिस्तान को आतंकवाद की फैक्ट्री बना दिया है। जब हमारी संप्रभुता पर हमला होगा, तो हमारी सेना निर्णायक जवाब देगी। अब कोई बातचीत नहीं, सिर्फ कार्रवाई होगी।”
— ख्वाजा आसिफ, रक्षा मंत्री, पाकिस्तान
“पाकिस्तान ने रिहायशी इलाकों और मदरसों को निशाना बनाकर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है। हमने उनके विमान को मार गिराया है और हमारी सेना डूरंड लाइन पर मजबूती से डटी है।”
— ज़बीहुल्ला मुजाहिद, मुख्य प्रवक्ता, तालिबान सरकार
इस संघर्ष का असर न केवल दोनों देशों के नागरिकों पर बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ रहा है:
- बॉर्डर क्रॉसिंग सील: तौरखम (Torkham) और चमन बॉर्डर को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे हजारों ट्रक और आम नागरिक फंस गए हैं।
- नागरिक हताहत: नांगरहार और पक्तिका प्रांतों में हुए हमलों में 18 से अधिक नागरिकों के मारे जाने की खबर है।
- वैश्विक चिंता: रूस और ईरान ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है और मध्यस्थता की पेशकश की है। भारत ने अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की है।
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