मुंबई। सियासी इतिहास बदल गया है, जहां 25 सालों तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दबदबा रहने वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) पर अब बीजेपी गठबंधन ने निर्णायक बढ़त बना ली है और 45 साल के राजनीतिक सफर में पहली बार बीजेपी मुंबई में अपना मेयर बनाने की स्थिति में पहुंच गई है;
227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है, जबकि रुझानों में बीजेपी को 90 और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 28 सीटें मिलती दिख रही हैं, यानी महायुति के खाते में कुल 118 सीटें आ रही हैं, वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) 63, कांग्रेस 12, मनसे 6, अजित पवार की एनसीपी 1 और अन्य दल 9 सीटों पर सिमटते नजर आ रहे हैं;
मुंबई, पुणे, नागपुर और नासिक समेत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में से 23 में बीजेपी गठबंधन की बढ़त ने विपक्ष को लगभग साफ कर दिया है; 2017 में जहां बीजेपी 82 सीटों पर थी और शिवसेना 84 पर, वहीं इस बार तस्वीर पूरी तरह पलट गई है और मुंबई पूरी तरह भगवामय होती दिख रही है;
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बीजेपी मुंबई का मेयर किसे बनाएगी—पार्टी साफ कर चुकी है कि मेयर मराठी समुदाय से होगा और पार्षद चुने गए कई बड़े चेहरों में तेजस्वी घोसालकर और नील सोमैया जैसे नाम चर्चा में हैं; चार साल बाद मुंबई को नया मेयर मिलने जा रहा है और बीएमसी की राजनीति में यह बदलाव न सिर्फ शहर बल्कि महाराष्ट्र की सियासत के लिए भी एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
There is no ads to display, Please add some


