जिनमें से 3 बच्चों को निःशुल्क उपचार के लिए सत्य साईं अस्पताल, नवा रायपुर भेजा गया है। प्रोजेक्ट धड़कन” से बच्चों को नई जिंदगी की आस: नारायणपुर में स्वास्थ्य अभियान बना वरदान
राजमन कश्यप
नारायणपुर (गंगा प्रकाश)। अब जिले में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को लेकर प्रशासन का प्रयास अब जमीनी स्तर पर असर दिखा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में संचालित “प्रोजेक्ट धड़कन” के तहत जन्मजात हृदय रोगों की पहचान और उपचार के लिए विशेष अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दूरस्थ अंचलों तक पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं
विकासखंड नारायणपुर और ओरछा के स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा लगातार जांच की जा रही है। आधुनिक उपकरणों और विशेष स्टेथोस्कोप की मदद से बच्चों के हृदय की धड़कनों और ईसीजी संकेतों का परीक्षण कर शुरुआती स्तर पर ही बीमारियों की पहचान की जा रही है।
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अब तक की बड़ी उपलब्धि
इस विशेष अभियान के अंतर्गत अब तक 2780 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जांच के दौरान 4 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग के लक्षण पाए गए, जिनमें से 3 बच्चों को निःशुल्क उपचार के लिए सत्य साईं अस्पताल, नवा रायपुर भेजा गया है। एक अन्य बच्चे को आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेफर किया जाएगा।
निःशुल्क और बेहतर उपचार की व्यवस्था
सभी बच्चों का प्रारंभिक परीक्षण जिला चिकित्सालय नारायणपुर में किया गया, जिसके बाद गंभीर मामलों को उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में भेजा जा रहा है—जहां उनका इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने जताई संवेदनशीलता
वन मंत्री केदार कश्यप ने परिजनों से मुलाकात कर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि हर बच्चे को समय पर सर्वोत्तम उपचार मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस तरह के अभियान दूरस्थ क्षेत्रों के लिए जीवनदायी साबित हो रहे हैं।
उर्वरक जमाखोरी पर प्रशासन की कड़ी नजर: नारायणपुर में सख्त कार्रवाई
निगरानी के साथ भरोसे का निर्माण
कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि “प्रोजेक्ट धड़कन” के माध्यम से बच्चों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी के साथ-साथ गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उन्हें उच्च चिकित संस्थानों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अभिभावकों से अपील
जिला प्रशासन ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों की स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं, ताकि किसी भी संभावित बीमारी का समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
प्रोजेक्ट धड़कन न सिर्फ एक अभियान, बल्कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य की मजबूत धड़कन बन चुका है।
