जगदलपुर। दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा में पदस्थ महिला डीएसपी कल्पना वर्मा और रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन से जुड़े विवाद में जांच अधिकारी एएसपी कीर्तन राठाैर की टीम ने 30 दिन में जांच के दौरान कई तथ्य सामने आए हैं। सरकार के निर्देश पर एडिशनल एसपी स्तर पर कराई गई जांच की करीब 1400 पेज की रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में आरोप है कि महिला डीएसपी ने न केवल कारोबारी से रकम और महंगे गिफ्ट लिए, बल्कि नक्सल क्षेत्र से जुड़ी से जुड़ी संवेदनशील खुफिया जानकारियां भी साझा कीं। जांच में दोनों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सामने आई हैं, जिनमें पुलिस विभाग से जुड़ी खुफिया जानकारी भेजने का जिक्र बताया जा रहा है। जानकारों के अनुसार, खुफिया जानकारी का इस तरह लीक होना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। बताया जा रहा है कि इस पहलू को लेकर उच्च स्तर पर रिपोर्ट तलब की गई थी, जिसे गोपनीय रखा गया।
कारोबारी दीपक टंडन ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 से महिला डीएसपी कल्पना वर्मा ने कथित तौर पर ‘लव ट्रैप’ के जरिए उनसे करीब 2.5 करोड़ रुपये की वसूली की। आरोपों में करीब 2 करोड़ नकद, एक लग्जरी कार, 12 लाख की डायमंड रिंग, 5 लाख के सोने के गहने और अन्य महंगे उपहार शामिल हैं। कारोबारी का यह भी कहना है कि शिकायत के बावजूद कार और ज्वेलरी अब तक वापस नहीं की गई। मामले में डीएसपी के भाई के नाम पर होटल खोलने के बहाने करोड़ों रुपये वसूलने के आरोप भी लगे हैं, जिसकी अलग से जांच की मांग की जा रही है। वहीं, डीएसपी कल्पना वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं। अब सरकार जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।
पूर्व डीजीपी डीएम अवस्थी का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्री मेच्योर है। अगर डीएसपी कल्पना वर्मा ने किसी पुलिस अधिकारी या डिपार्टमेंट से जुड़ी कोई जानकारी डिपार्टमेंट के बाहर के लोगों के साथ शेयर की है, तो डिपार्टमेंट उन्हें नोटिस जारी कर सकता है, लापरवाही के लिए कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि अभी जांच चल रही है, जांच रिपोर्ट अभी तक पब्लिक नहीं की गई है, इसलिए निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता।
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