रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस बार सर्दी ने पिछले वर्षों के सारे रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। प्रदेशभर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने लगा है। राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा व बस्तर संभाग के कई इलाकों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है।
प्रासंगिक व्यय में सालाना लाखों की गड़बड़ी, समिति प्रबंधन पर उठे सवाल
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हवाओं के लगातार सक्रिय रहने से प्रदेश में न्यूनतम तापमान तेजी से गिर रहा है। अंबिकापुर जिले में पारा लुढ़ककर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। वहीं, रायपुर में भी सुबह और देर शाम ठिठुरन बढ़ गई है, जिससे लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
तेज हवाओं के कारण खुले क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों और नदी-किनारे बसे गांवों में ठंड का प्रकोप और ज्यादा बढ़ गया है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और सुबह जल्दी काम पर निकलने वाले लोगों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगले 48 घंटों तक प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है। खासकर सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर और कबीरधाम जिलों में तापमान और भी नीचे जाने की संभावना जताई गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से ठंड में अनावश्यक बाहर न निकलने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। वहीं, सड़क किनारे और खुले में रहने वालों के लिए प्रशासन ने रैन बसेरों की व्यवस्था तेज कर दी है। छत्तीसगढ़ में सर्दी का यह कड़ाका अभी कुछ दिनों तक और परेशान कर सकता है।
There is no ads to display, Please add some
