रानीपरतेवा में आज़ादी का पर्व धूमधाम से मनाया गया — सरपंच हेमलाल नेताम के नेतृत्व में गूंजे देशभक्ति के नारे
छुरा (गंगा प्रकाश)। ग्राम पंचायत रानीपरतेवा में इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस उत्साह, उमंग और गहरी देशभक्ति की भावना के साथ ऐतिहासिक रूप से मनाया गया। सरपंच हेमलाल नेताम ने पंचायत प्रांगण में तिरंगा फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की। यह लगातार 11वां वर्ष रहा जब हेमलाल केसरी नेताम के कार्यकाल में ग्राम पंचायत रानीपरतेवा के प्रांगण में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन भव्य रूप से किया गया।
सुबह से ही गांव में छाई देशभक्ति की लहर
15 अगस्त की सुबह 7:30 बजे से ही पूरे गांव में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया। ग्राम के विभिन्न संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं और संगठनों में तिरंगा फहराने का क्रम आरंभ हुआ। सबसे पहले हायर सेकंडरी स्कूल रानीपरतेवा में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामप्रसाद शांडिल्य ने ध्वजारोहण किया। विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों, भाषणों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आज़ादी के वीरों को याद किया।
उपस्वास्थ्य केंद्र से लेकर चौक-चौराहों तक तिरंगे की शान
गांव के उपस्वास्थ्य केंद्र रानीपरतेवा में प्रहलाद यदु, पूर्व कृषि सभापति, जनपद पंचायत छुरा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। वहीं तिरंगा क्लस्टर संगठन के तहत आयुर्वेद वेलनेस सेंटर में डॉ. ऐश्वर्या साहू ने ध्वजारोहण किया। ग्राम के प्रमुख गांधी चौक में पंकज निर्मलकर, जनपद सदस्य, जनपद पंचायत छुरा ने तिरंगा लहराकर लोगों को आज़ादी के मायने और इसकी रक्षा के संकल्प का संदेश दिया।
महिला संगठनों की सक्रिय भागीदारी
गांव के चांदनी ग्राम संगठन की अध्यक्ष पुष्पा ध्रुव ने भी तिरंगा फहराया और महिलाओं की भागीदारी को गर्व का विषय बताया। इसी तरह अटल चौक और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में समिति अध्यक्ष सीताराम दीवान ने ध्वजारोहण किया।
शैक्षणिक संस्थानों में विशेष कार्यक्रम
ग्राम के प्राथमिक शाला और कन्या शाला में क्रमशः शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और चेतन सिन्हा ने ध्वजारोहण कर बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम की गाथाएं सुनाईं। सरस्वती शिशु मंदिर में आचार्य हूमेश्वर राजपूत ने तिरंगा फहराते हुए शिक्षा और संस्कार के महत्व पर जोर दिया। वहीं सतनामीपारा रानीपरतेवा में सोहद्रा बाई साहू ने तिरंगा फहराकर शांति, भाईचारे और एकता का संदेश दिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों में भी गूंजा देशभक्ति का स्वर
ग्राम के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और महिलाओं की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया गया। यहां बच्चों ने देशभक्ति गीतों और कविताओं के माध्यम से वातावरण को भावनाओं से भर दिया।
गांव के सभी तबकों की उत्साही भागीदारी
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के उपसरपंच, समस्त पंच, पदाधिकारीगण, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष और पदाधिकारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
शांति और भाईचारे का संदेश
ध्वजारोहण के बाद सभी ने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। गांव में जगह-जगह मिठाइयां बांटी गईं। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज़ादी का अर्थ केवल अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक बुराइयों, अशिक्षा, गरीबी और भेदभाव से मुक्ति भी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं और एक मजबूत, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें।
हेमलाल नेताम का संबोधन
ग्राम पंचायत प्रांगण में ध्वजारोहण के पश्चात सरपंच हेमलाल नेताम ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि यह दिन हमें अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों से रानीपरतेवा में स्वतंत्रता दिवस को पूरे गांव की भागीदारी के साथ मनाने की परंपरा रही है, जो आने वाली पीढ़ियों तक जारी रहेगी।
ग्राम पंचायत रानीपरतेवा में स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम भर नहीं था, बल्कि यह गांव के हर वर्ग के लोगों की सहभागिता, एकता और देशभक्ति का अद्भुत संगम था। आज़ादी के अमृत महोत्सव की इस कड़ी में रानीपरतेवा ने एक बार फिर यह साबित किया कि देश के प्रति प्रेम और सम्मान किसी एक व्यक्ति या संस्था का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।
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