बच्चों का वजन बढ़ाने के लिए रामबाण हैं ये 5 घरेलू आहार— बदलते मौसम और खान-पान की गलत आदतों के कारण अक्सर छोटे बच्चों में वजन न बढ़ने की समस्या देखी जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञों (Pediatricians) के अनुसार, यदि बच्चा अपनी उम्र के मानक के अनुसार अंडरवेट (Underweight) है, तो उसके शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ सकता है। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुँच रहे अभिभावकों की इसी चिंता को देखते हुए विशेषज्ञों ने कुछ ऐसे सुपरफूड्स सुझाए हैं, जो न केवल सुरक्षित हैं बल्कि तेजी से वजन बढ़ाने में सहायक हैं।
दुबलेपन से छुटकारा: बच्चों का वजन बढ़ाने के लिए रामबाण हैं ये 5 घरेलू आहार, विशेषज्ञ ने दी सलाह
ऊर्जा का पावरहाउस: शकरकंद और आलू
बच्चों के आहार में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का होना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का कहना है कि शकरकंद और आलू को अच्छी तरह उबालकर और मैश करके देने से बच्चे को पर्याप्त फाइबर मिलता है। यह शरीर को तत्काल ऊर्जा प्रदान करता है और स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने में मदद करता है। इसे दोपहर के भोजन में शामिल करना सबसे अधिक फायदेमंद रहता है।
ड्राई फ्रूट्स पाउडर: वजन बढ़ाने का असरदार नुस्खा
सूखे मेवे पोषक तत्वों का भंडार होते हैं। अक्सर छोटे बच्चे इन्हें चबा नहीं पाते, इसलिए इन्हें बारीक पीसकर पाउडर बनाना एक बेहतर विकल्प है।
- इस पाउडर को रोजाना दूध, दही या दाल में मिलाकर दिया जा सकता है।
- यह प्रोटीन और गुड फैट्स का बेहतरीन स्रोत है जो मांसपेशियों के विकास में मदद करता है।
आटे का हलवा और ओट्स: पोषण और स्वाद का मेल
परंपरागत रूप से भारतीय घरों में दिया जाने वाला आटे का हलवा आज भी वजन बढ़ाने के लिए सबसे भरोसेमंद माना जाता है। इसमें हल्की चीनी या गुड़ का उपयोग कर इसे पौष्टिक बनाया जा सकता है। इसके अलावा, ओट्स का दलिया एक आधुनिक और सुपाच्य विकल्प है, जो फाइबर से भरपूर होता है और बच्चे के पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है।
फुल फैट दही और मौसमी फल
प्रोबायोटिक्स और कैल्शियम के लिए दही का सेवन अनिवार्य है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि साधारण दही के बजाय फुल फैट दही का उपयोग करें। इसमें केला, चीकू या आम जैसे फल काटकर ‘फ्रूट योगर्ट’ तैयार करें। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कैलोरी-डेंस (Calorie-dense) आहार है, जिससे वजन में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
विशेषज्ञों की राय और सावधानियाँ
“बच्चों का वजन बढ़ाने के लिए बाजार के सप्लीमेंट्स के बजाय प्राकृतिक और घर के बने आहार पर भरोसा करना चाहिए। यदि बच्चा सही ढंग से खाना खा रहा है लेकिन फिर भी वजन नहीं बढ़ रहा, तो एक बार डॉक्टर से मिलकर पेट के कीड़ों (Deworming) या अन्य मेडिकल जांच जरूर कराएं।”
— डॉ. विकास खन्ना, सीनियर कंसल्टेंट पीडियाट्रिक्स
डॉक्टरों का मानना है कि इन चीजों को नियमित डाइट में शामिल करने से बच्चे के शरीर में पोषण की कमी नहीं रहेगी। हालांकि, किसी भी नए आहार को शुरू करने से पहले उसकी मात्रा और बच्चे की एलर्जी का ध्यान रखना आवश्यक है।
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