दुर्ग, छत्तीसगढ़: दुर्ग जिले के मचांदुर गांव में भगवा झंडा लगाने को लेकर हुए विवाद में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एक प्रधान आरक्षक और एक आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है, जबकि दो अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब गांव के ही एक युवा, जो कि सेना में कार्यरत है, उसने अपने घर पर भगवा झंडा लगाया। इसी बात को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार, सेना के जवान कौशल निषाद ने अपने घर पर भगवा ध्वज लगाया था। इसे लेकर गांव के कुछ लोग इसका विरोध करने लगे और उन्होंने पुलिस से शिकायत कर दी। विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान प्रधान आरक्षक और आरक्षक ने जवान के साथ दुर्व्यवहार किया और झंडा हटाने का दबाव बनाया।
ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर जवान के साथ मारपीट करने और बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। यह मामला जब वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा, तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।
दुर्ग के पुलिस अधीक्षक (SP) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रधान आरक्षक और आरक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। इसके साथ ही, विवाद पैदा करने वाले दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है और इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जवान और उसके परिवार को सुरक्षा भी प्रदान की गई है। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि पुलिस प्रशासन निष्पक्षता से काम कर रहा है और किसी भी पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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