वर्दी के साथ पढ़ाई: ड्यूटी और लक्ष्य के बीच बिठाया तालमेल
डायमंड सिंह ध्रुव वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं। फील्ड ड्यूटी की कठिन चुनौतियों के बीच उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। उनकी इस उपलब्धि ने विभाग के अन्य युवा अधिकारियों के लिए मिसाल पेश की है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि आरक्षित वर्ग के रोस्टर और प्राथमिकताएं अनुकूल रहीं, तो उन्हें IAS कैडर मिलने की भी प्रबल संभावना है। फिलहाल, रायपुर के पुलिस मुख्यालय (PHQ) और स्थानीय थानों में उनके साथी अधिकारी इस जीत का जश्न मना रहे हैं।
पुलिस महकमे में खुशी की लहर
जैसे ही यूपीएससी के नतीजे पोर्टल पर अपलोड हुए, रायपुर पुलिस महकमे में बधाई देने वालों का तांता लग गया। डायमंड सिंह की सफलता पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने भी खुशी जाहिर की है। सिविल लाइंस स्थित उनके कार्यालय और आवास पर सुबह से ही शुभचिंतक पहुंच रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि एक सेवारत डीएसपी का आईपीएस या आईएएस के लिए चुना जाना राज्य पुलिस के मनोबल को बढ़ाने वाला है।
“डायमंड सिंह ने साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो खाकी वर्दी की जिम्मेदारी निभाते हुए भी देश की सबसे कठिन परीक्षा जीती जा सकती है। उनकी मेहनत ने छत्तीसगढ़ पुलिस का नाम रोशन किया है।”
— एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, रायपुर
डायमंड सिंह ध्रुव अब जल्द ही लबासना (LBSNAA) या सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण के लिए जाएंगे। उनकी इस सफलता से बस्तर से लेकर सरगुजा तक के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय अब उनके आधिकारिक पदोन्नति और रिलीविंग की प्रक्रियाओं पर निर्णय लेगा। फिलहाल, रायपुर की गलियों में एक चर्चा आम है कि अब ‘डायमंड’ की चमक दिल्ली तक पहुंचेगी।
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