Vikas Tiwari , रायपुर। राजधानी रायपुर से कांग्रेस पार्टी से जुड़ी एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। झीरम घाटी कांड को लेकर दिए गए बयान के बाद से विवादों में घिरे कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी पर पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। अनुशासनहीनता के आरोप में कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
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बताया जा रहा है कि झीरम घाटी कांड जैसे अत्यंत संवेदनशील विषय पर दिए गए बयान को पार्टी की विचारधारा और अनुशासन के खिलाफ माना गया। इसके बाद कांग्रेस संगठन में नाराजगी बढ़ती चली गई। पहले चरण में पार्टी ने विकास तिवारी को वरिष्ठ प्रवक्ता के पद से हटाया था, लेकिन इसके बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आया।
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और कोई भी नेता या कार्यकर्ता यदि पार्टी की लाइन से हटकर बयान देता है या संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि झीरम घाटी कांड शहीद नेताओं और कार्यकर्ताओं से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मामला है, जिस पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
विकास तिवारी के निष्कासन के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस कार्रवाई को कांग्रेस का कड़ा संदेश माना जा रहा है कि संगठन के भीतर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि आने वाले समय में पार्टी ऐसे मामलों में और भी सख्त रुख अपना सकती है। फिलहाल, विकास तिवारी की ओर से इस निष्कासन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उनके निष्कासन से छत्तीसगढ़ की सियासत में बयानबाजी और राजनीतिक चर्चाओं का दौर और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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