छुरा (गंगा प्रकाश)। प्रोटीन का सबसे सस्ता और लोकप्रिय स्रोत माने जाने वाले अंडे को लेकर छुरा नगर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय फार्म बाजार से खरीदे गए एक अंडे के अंदर कीड़े मिलने की शिकायत ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब नगर के चौक-चौराहों, बाजारों और ठेलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग एग रोल, अंडा चाउमीन, अंडा पाउच, ऑमलेट, हाफ फ्राई और अन्य अंडा व्यंजनों का बड़े चाव से सेवन करते हैं।
जानकारी के अनुसार, छुरा नगर के एक ग्रामीण ने स्थानीय बाजार से अंडे खरीदे थे। घर पहुंचने के बाद परिवार के लिए भोजन तैयार किया जा रहा था। अंडे को उबालने के बाद जब उसका छिलका हटाया गया, तब अंदर का दृश्य देखकर परिवार के सदस्य दंग रह गए। अंडे के भीतर कीड़े दिखाई दिए। परिवार ने तत्काल अंडे को बाहर फेंक दिया और इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी।
घटना की खबर फैलते ही लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई ग्रामीणों ने संवाददाता को बताया कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि घर ले जाए गए अंडे की यह स्थिति है, तो उन ठेलों और फास्ट फूड दुकानों में इस्तेमाल हो रहे अंडों की गुणवत्ता पर भी निगरानी जरूरी है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों अंडों का उपयोग किया जाता है।
ओडिशा से छत्तीसगढ़ पहुंच रही थी गांजे की खेप, 13.775 किलो गांजा सहित 5 तस्कर दबोचे
नगर में शाम होते ही एग रोल, अंडा चाउमीन और अंडा पाउच के ठेलों पर युवाओं और बच्चों की भीड़ उमड़ पड़ती है। अधिकांश लोग स्वाद के भरोसे इन खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि उपयोग किए जा रहे अंडों की गुणवत्ता क्या है। ऐसे में यह घटना उपभोक्ताओं के लिए एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन को समय-समय पर बाजार में बिक रहे अंडों तथा अंडे से बने खाद्य पदार्थों की जांच करनी चाहिए। यदि कहीं खराब, सड़े या लंबे समय से संग्रहित अंडों की बिक्री हो रही है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक अनुचित तापमान पर रखे गए या खराब हो चुके अंडों में सड़न और संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे अंडों के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
नियुक्ति की फाइलों पर पड़ा गोपनीयता का पर्दा: RTI में नहीं मिली जानकारी, अपील भी खारिज, अब उठ रहे बड़े सवाल
फिलहाल मामले में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन घटना ने खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता स्वास्थ्य को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
