गरियाबंद/फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। जिला प्रशासन की लगातार की जा रही कार्यवाही के बाद भी रेत माफिया अवैध खनन से बाज नहीं आ रहा है। लगता है रेत माफिया मनमानी कमाई के चलते जिला प्रशासन की कार्यववाही को नजर अंदाज कर अंचल की रेत खदानों से मनमाना खनन कर एक प्रकार से प्रशासन के साथ आंख मिचौली का खेल खेल रहे है। प्राप्त जानकारी अनुसार इन दिनों लचकेरा, रावड़, सिंधौरी, चौबेबांधा एवं हथखोज में मनमाने ढंग से बड़ी बड़ी चैन माऊटिंग मशीन लगाकर उत्खनन एवं परिवहन व्यापक पैमाने में किया जा रहा है। लगता है इन खदानों में अवैध उत्खनन कर रहे रेत माफिया को कार्यवाही का कोई डर ही नहीं है। फिंगेश्वर विकासखंड के हथखोज में तो तीन तीन ग्रुप द्वारा 5-7 चैन माऊंटिग उतारकर सैकड़ो हाईवा रेत का दिन-रात 24 घंटे मनमाने ढंग से बिना किसी वैध दस्तावेजों के खनन एवं परिवहन कर प्रतिदिन लाखों की काली एवं अवैध कमाई की जा रही है। उनकी डंके की चोट किए जा रहे अवैध उत्खनन एवं परिवहन में विभागीय अधिकारी, जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के संरक्षण से इंकार नहीं किया जा सकता। लचकेरा, चौबेबांधा, सिंधौरी, रावड़ में भी नदी के बीच में चैन माऊटिंग लगाकर मनमाने ढंग से खनन एवं परिवहन दिन-रात चल रहा है। हथखोज खदान में लीज प्राप्त ठेकेदार के अलावा 2 ठेकेदार अवैध तरीके से मनमाना उत्खनन कर मालामाल बन रहे है। बताया जाता है कि ग्राम हथखोज के ग्रामीणों के साथ सेटिंग कर रेत माफिया शासन को चुना लगाने का काम कर रहे है। यहॉ नदी में एक तरफ 4 चैन माऊंटिग और दूसरी तरफ 2 चैन माऊंटिग जैसी बड़ी बड़ी मशीनें लगाकर धड़ल्ले से बेहिसाब खनन कर रेत का मनमाने ढंग से परिवहन किया जा रहा है। जबकि जिला प्रशासन की यदा-कदा कार्यवाही जारी है। फिंगेश्वर विकासखंड में अनेक स्थानों पर रेत का उत्खनन किया जाना जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग के लिए चैलेंज है। क्योंकि जिला कलेक्टर द्वारा अवैध उत्खनन पर कार्यवाही के सख्त निर्देश दिए गए है। अवैध उत्खनन पर कार्यवाही न होते देख आसपास अन्य रेत खदानों पर भी रेत माफिया की गिद्द की नजर लगी हुई है। प्रशासन ने अवैध उत्खनन पर सख्त कार्यवाही की मांग ग्रामीणों ने की है।
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