गरियाबंद(गंगा प्रकाश)। सुबह से ही सूर्य भगवान के तपते तेवर से जनमानस पिछले 2-3 की गर्मी से हलाकान है। प्रातः 9 बजे से बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग शाम 5 बजे के बाद ही बाहर निकलते दिख रहे है। शहर व क्षेत्र में इन दिनों पिछले 3-4 दिन से बढ़ रही भीषण गर्मी से लोग हलाकान है। बुधवार-गुरूवार को गरियाबंद शहर का तापमान 41 से 42 डिग्री को पार कर गया। फलस्वरूप लोग तेज धूप व भीषण गर्मी से परेशान रहे इस बीच अनेको बार विद्युत गुल होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। दोपहर को शरीर को झुलसा देने वाली लू चलने से सड़क पर चलने वालों को स्कार्फ, गमछा, टोपी एवं छतरी तथा चश्मा का सहारा लेना पड़ा। भीषण गर्मी के कारण शहर व क्षेत्र में विद्युत व जल की खपत अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है कूलर पंखा एसी चलने से विद्युत उर्जा की खपत बढ़ गई है। पेयजल के साथ साथ अन्य घरेलू उपयोग के अलावा कूलर को पानी पिलाने के कारण जल की खपत भी बढ़ गई है भीषण गर्मी के चलते ग्राम्यांचल में अनेक तालाब सूखने के कगार पर पहुंच गये है। अनेक बोर व नलकूप का पानी लेबल नीचे गिर जाने से दर्जनों की संख्या में हैड पंप में पानी निकलना बंद हो गया है। गर्मी में पानी की अधिक आवश्यकता से प्रायः सभी सार्वजनिक बोरिंग में भारी भीड़ पानी भरने वालों की लगी है पानी को लेकर अनेक वार्डो में महिलाओं के बीच पानी भरने को लेकर तू तू मैं मैं की स्थिति लगातार बन रही है आग उगलते सूर्य की मार से सैकड़ों लोगों का स्वास्थ्य भी बिगड़ रहा है इस बात की तस्दीक शासकीय हॉस्पिटल व निजी हॉस्पिटल में बढ़ते मरीज कर रहे है। जिसमें ज्यादातर मरीज लू पीड़ित है वहीं अनेक मरीज उल्टी, दस्त, सिरदर्द, बुखार, बदन दर्द सहित अन्य रोगों का उपचार कराने बड़ी तादाद में पहुंच रहे है। हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने लोगों की सलाह दी है कि वे ज्यादा से ज्यादा शुद्ध जल का सेवन करें साथ ही नींबू पानी शरबत व छांछ तथा अन्य ठंडे पेय पदार्थ का उपयोग कर गर्मी में घर से बाहर निकलें गर्मी में ज्यादातर लोगों को सूती कपड़े पहनने व शरीर के प्रमुख हिस्सों को स्कार्फ कपड़े, टोपी व चश्मा एवं छतरी लगाकर सुरक्षित चलने की सलाह दी है।
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