गरियाबंद/फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। ग्राम छुईहा बजरंग चौंक में श्रीमद्भागवत सप्ताह की आज तीसरे दिन है। दूसरे दिन व्यासपीठ से पं.कृष्ण कुमार तिवारी ने सृष्टि की रचना,सती चरित्र, ध्रव चरित्र प्रवचन में कथा के माध्यम से कहा जीवन में महत्व और उपयोगिता के बारे में विचार रखे।उन्होंने कहा कि जब तक किसी वस्तु के बारे में ज्ञान, जानकारी या महत्व का पता हो तो मन में उसके प्रति आकर्षण उत्पन्न नहीं होता। उन्होंने कहा कि जैसे हजारों दीपक या बल्ब मिलकर भी पूर्ण अंधकार को दूर नहीं कर सकते। मगर एक सूर्य उदय होता है तो पूरे विश्व का अंधकार दूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे मन में काम, क्रोध, विषय वासना का अंधकार छाया है। उन्होंने कहा कि यह प्रभु प्राप्ति या उनके दर्शन को हमसे दूर करता है। प्रभु की प्राप्ति का सरल उपाय है भागवत कथा का श्रवण यह अमृत से भी अधिक कीमती व महत्वपूर्ण है।। उन्होंने कहा कि जब शुकदेव परीक्षित को कथा सुनाने लगे तो देवता अमृत का कलश लेकर आए कि इसे परीक्षित को पिला दीजिए। वे अमर हो जाएंगे। मनुष्य मृत्यु निकट समझ लेता है तब किस कथा का श्रवण हो वह है भागवत कथा। कथा अमृत और देवता अमृत में हीरा और कांच की तरह फर्क है। अमृत से भी अधिक कीमती है भागवत कथा। कथा अमृत में दिव्यता है। विवेकानंद उम्र भले ही कम तक जीये,पर जो मनुष्य सैकड़ों वर्षों तक जीवित रह कर नहीं कर सकता वो वह कर दिखाया। एक प्रसंग में कहा भक्त प्रहालाद के कारण ही भगवान विष्णु को खंभा फाड़ कर नरसिंह रूप में हिरणकश्यप का उद्धार करने के लिए अवतार लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि अहंकार मानवता को नष्ट कर देता ।भागवत कथा मनुष्य को अहंकार रहित जीवन जीने की कला सिखाती है।भक्ति को बचपन में ही करने की प्रेरणा देनी चाहिए क्योंकि बचपन कच्चे मिट्टी की तरह होता है उसे जैसा चाहे वैसा पात्र बनाया जा सकता है। कार्यक्रम स्थल पर सुबह ,मध्य और संध्या वंदन आरती में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं फिर प्रसाद वितरण किया गया। आगन्तुक श्रोताओं के लिए आम भंडारा का आयोजन किया गया है।परदेशी राम, रझूला, कमला सिन्हा, सिन्हा, योगेश यशवन्तिन, कमल नारायण सिन्हा, जिनेन्द्र सिन्हा, सोनाली सिन्हा, चेतन सिन्हा, प्रभु सिन्हा, दिलीप सिन्हा, प्रभा सिन्हा वेदराम शिव कुमारी टेमन,अश्वंत सिन्हा गजेन्द्र उत्तरा, कृष्णा सीमा, बसंन्ति, निर्मला, रमशिला ,संगीता ,कृपा ,उर्मिला, श्रीराम, मोनिका चित्ररेखा कान्हा डिगेन्द्र, रामचंद पीलू भागवत, नारायण सिन्हा, दूर्गाराम, राजाराम सिन्हा, सहित आयोजन से जुड़े एंव ग्रामवासी उपस्थित थे।
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