

छुरा(गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही चुनाव सरगर्मी भी तेज होने लगी है, वहीं मतदाताओं के बीच भी हलचल बढ़ने लगा है पार्टी मतदाता को लुभाने कई लोक लुभावन वादे करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कई गांवों में चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी भी देखने को मिल रहा है। आखिर राजनीतिक दलों के आश्वासन पर लोग क्यों विश्वास नहीं करने लगे हैं? क्या राजनीति दलों का नैतिक मूल्य भी कम होने लगा है? जिसके चलते सभी दल अपने काम के आधार पर वोट मांगने में सफल नहीं हो पा रहे हैं जिसके चलते घोषणा पत्र में लोक लुभावने वादे का सहारा लिया जा रहा है?
इसी क्रम में गरियाबंद जिले के छुरा विकास खंड के ग्राम कुड़ेरादादर में भी धान खरीदी केंद्र नहीं खुल पाने का मामला तुल पकड़ने लगा है जहां गांव के ग्रामीण महिला पुरुष सभी बैठक कर चुनाव बहिष्कार करने का निर्णय लिए हैं।
ग्रामीणों की मानें तो पिछले दो सालों से गांव में धान खरीदी केंद्र खोलने हेतु आलाधिकारी व नेताओं के पास गुहार लगा चुके हैं लेकिन अभी तक धान खरीदी केंद्र नहीं खुल पाया, जिसके चलते सभी ग्रामीण चुनाव बहिष्कार करने का निर्णय लिए हैं।
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