अरविन्द तिवारी
शिमला (गंगा प्रकाश)- हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव समय पूर्व और कितने चरण में कराये जायेंगे , यह फैसला चुनाव आयोग दिल्ली में लेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने आज पीटरहॉफ शिमला में पत्रकार वार्ता में यह बात कही। गत दिन राजनीतिक दलों के नेताओं ने अलग-अलग बैठकों में आयोग को अवगत कराया है कि नवंबर मध्य में प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में बर्फबारी से चुनाव प्रभावित हो सकते हैं। जनजातीय क्षेत्रों की तीन सीटों में 15 नवंबर से पहले चुनाव करवाने का सुझाव सभी दलों के नेताओं ने दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि 142 मतदान केंद्रों में महिलायें तैनात रहेंगी और सुरक्षा भी महिला पुलिस के हाथ ही करेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने वाले आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को अपने अपराध सार्वजनिक करने के लिये तीन बार विज्ञापन देना होगा और संबंधित पार्टी को भी यह करना अनिवार्य है। प्रदेश में वर्तमान सरकार का कार्यकाल 08 जनवरी, 2023 को पूरा हो रहा है। प्रदेश में 48 सामान्य , 17 अनुसूचित जाति और तीन जनजातीय विधानसभा क्षेत्र हैं।
राज्य में कुल 53.0 80 लाख वोटर पंजीकृत हैं। पुरुष 27,23,843 और महिला वोटर 26,64,569 हैं। इनमें 100 साल से ज्यादा उम्र के 1,294 वोटर हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव के दौरान कोई अधिकारी निष्पक्षता से चुनाव नहीं करवाता है तो उसकी व्यक्तिगत जिम्मेवारी सुनिश्चित की जायेगी। प्रदेश में 7,880 मतदान केंद्र हैं। इनमें से ग्रामीण इलाकों में 7,235 मतदान केंद्र हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से अभी तक कुल 36 करोड़ वोटरों ने अपने मताधिकारी का इस्तेमाल किया है। देश में ईवीएम से कुल 11 विधानसभा चुनाव कराये गये हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मशीनों की चेकिंग के बाद किसी भी प्रकार की खामी नहीं पाई गई है।
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