हरदीप छाबड़ा
राजनांदगांव-मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मोहला मानपुर अं.चौकी जिले की एक आदिवासी बालिका की मौत होने की घटना का मामला सामने आया है। खड़गांव थाना अंतर्गत ग्राम ढोढरी की 18 वर्षीया बालिका महिमा नेताम का ईलाज मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव में विगत 19 दिनों से जारी था बालिका की इलाज के दौरान मौत आईसीयू के बेड क्रमांक 7 में होना बताया जा रहा है।
महिमा के पिता बीरबल सिंह नेताम ने बताया कि तीन दिन मानपुर में इलाज चला था जंहा 1 सितंबर को मानपुर हॉस्पिटल से राजनांदगांव रिफर कर दिया गया,राजनांदगांव में बालिका का इलाज जारी था जिसमें डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मौत होने का सीधा आरोप मेडिकल कॉलेज के इलाज कर रहे डॉक्टरों पर लगाया है। पीड़ा व्यक्त करते हुए महिमा के पिता बीरबल ने यह भी बताया कि बच्ची के पेट और कमर और सर में दर्द था
लगभग सभी परीक्षण कराने के पश्चात डॉक्टरों ने कोई भी परीक्षण में बीमारी का होना नहीं बताया अगर सर का बेहतर इलाज करते डॉक्टर बेहतर इलाज करते तो बेटी महिमा की जान बच जाने की उम्मीद बताई,पिता ने यह भी बताया कि डॉक्टर नर्स लोगों से वह बेहतर इलाज के लिए या उनको यहां से छुट्टी देने के लिए भी गुहार करते रहे किंतु किसी भी डॉक्टर और नर्स ने उनकी बात नहीं सुनी व छुट्टी भी नही दी और ना ही इनका इलाज बेहतर किया। बीरबल ने यह भी बताया की अस्पताल में लापरवाही का आलम है ना रात को इलाज होता था न दिन में इलाज होता था,
उनका कहना है कि डॉक्टरों को बुलाने पर आते थे और लड़की के पिता ने यह भी बताया कि एक डॉक्टर ने उसको बोला यूं ही गांव में झाड़-फूंक क्यों नहीं करवाया यहां क्यों आ गया डॉक्टर का नाम तो नहीं जानता चेहरा पहचानता लड़की के पिता का कहना है
मेडिकल कॉलेज में किसी भी प्रकार का कोई भी डॉक्टर कोई भी स्टाफ किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं करता और ना ही यहां पर ढंग से इलाज होता है उनका कहना है कि मेरी बेटी की मृत्यु की जांच हो ताकि भविष्य में किसी और की बच्ची के साथ ऐसी घटना ना हो
There is no ads to display, Please add some
