इस दिन शिवजी के साथ ही पार्वती की भी पूजा-अर्चना की जाती है। इसलिए सुबह से ही मंदिर में दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया।
तिल्दा नेवरा(गंगा प्रकाश)। वार्ड नंबर 13 में स्थित ओम सिद्ध पीठ महाकाली मंदिर में शनिवार को महाशिवरात्रि पर महाआरती हुई। दिन में तीन बजे शिवजी का पंचामृत वह फलो के रस से अभिषेक किया गया। इस दौरान साबूदाना से बनी फलाहारी श्रद्धालुओं कोे वितरित की गई। श्रध्दालु दिनभर भोलेनाथ की भक्ति में लीन रहे। इस दिन शिवजी के साथ ही पार्वती की भी पूजा-अर्चना की जाती है। इसलिए सुबह से ही मंदिर में दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया था। मंदिर के पुजारी व अखंड हिन्दू महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष महंत योगी राजा नाथ (राजा वाधवा) ने बताया दूध, शहद, पानी वह फलो के रस के अभिषेक से भी शिवजी प्रसन्न् होते हैं। बिल्वपत्र, भांग, धतूरा भी उन्हें पसंद है। शनिवार मंदिर में हवन कर शिव-पार्वती का विवाह कराया गया।
गुजरात से आय महंत
मंदिर में गुजरात से आय श्री श्री 1008 महामण्डलेश्वर अनिल गिरी महराज ने बताया अखंड धन लाभ व हर तरह के कर्ज से मुक्ति के लिए भगवान शिव का फलों के रस से अभिषेक किया जाना चाहिए। स्तुति करते समय भगवान शिव के ‘नील कंठ’ स्वरूप का मानसिक ध्यान करना उचित माना जाता है।
शिव को प्रसन्न किए बिना मनुष्य का कल्याण संभव नहीं
कवर्धा(मिरमिटि) से आय महंत योगी मकसुदन नाथ महराज ने बताया शिव को प्रसन्न किए बिना मनुष्य का कल्याण संभव नहीं है। भले ही साधक के इष्टदेव भगवान विष्णु, श्रीराम, कृष्ण अथवा जगत्पिता ब्रह्म ही क्यों न हों। इन सभी देवताओं की उपासना के लिए भी भगवान शिव का पूजन स्मरण आवश्यक है। लोक-परलोक में सर्वत्र सफलता पाने का एक मात्र उपाय यह है कि प्रतिदिन एक लोटा स्वच्छ व शीतल जल भगवान शिव पर चढा़ दें।
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