गरियाबंद/फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। जिला पंचायत गरियाबंद के सभा कक्ष में कलेक्टर दीपक अग्रवाल द्वारा जिले के पांचो विकास खंड के प्राचार्यो का समीक्षा बैठक जिला शिक्षा अधिकारी ए. के. सारस्वत की उपस्थिति में ली. इस अवसर पर प्रोफेसर अंबिका जोशी सिपेट इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर द्वारा प्लास्टिक इंजीनियरिंग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है जिसे भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संयुक्त रूप से वर्ष 2015 में औद्योगिक क्षेत्र भनपुरी रायपुर में स्थापित किया गया है.प्लास्टिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा देश के विभिन्न पॉलिटेक्निक कॉलेज में किया जाने वाला तीन वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम है और इसे वे लोग अपनाते हैं जो डिजाइनिंग और प्रोसेसिंग के साथ-साथ सभी प्रकार के प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण में शामिल होना चाहते हैं प्लास्टिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी प्लास्टिक के विभिन्न गुणो जैसे अवरोध, रासायनिक, तापीय,विद्युत और यांत्रिक गुणो में परिवर्तन करके अपनी इच्छित प्लास्टिक सामग्री का उत्पादन करने की विशेषज्ञ बन जाते हैं. दीपक कुमार अग्रवाल कलेक्टर गरियाबंद ने जिले के समस्त प्राचार्य को प्लास्टिक इंजीनियरिंग कोर्स के बारे में जानकारी देते हुए कहा की अपने विद्यालय के दसवीं एवं बारहवीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को डिप्लोमा इन प्लास्टिक टेक्नोलॉजी में प्रवेश लेने के लिए सीपेट की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से शामिल हो सकते हैं. साथ-साथ अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति का प्रावधान भी है. उन्होंने आगे प्लास्टिक इंजीनियरिंग के बारे में बताया कि एक प्लास्टिक इंजीनियर वह होता है जो प्लास्टिक से बने सभी सामग्रियों को सांचो और अन्य सामानों के डिजाइन और विकास को संभालता है. प्लास्टिक इंजीनियर प्लास्टिक के पुर्जे, सांचो और मोल्डिंग प्रक्रियाओं को डिजाइन और विकसित करते हैं. प्लास्टिक उत्पाद डिजाइनर डेटा का विश्लेषण और व्याख्या करते हैं और नए उत्पाद डिजाइन बनाते हैं वे प्लास्टिक की रासायनिक संरचना की जांच करते हैं और विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग करने के लिए उपयुक्त संरचना चुनते हैं. प्लास्टिक उत्पाद डिजाइनर प्लास्टिक उत्पादों को बनाने के लिए सांचो क विश्लेषण और डिजाइन करने के लिए कंप्यूटर ऐडेड सिस्टम जैसे डिजाइन सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं.आज प्लास्टिक ने मनुष्य के जीवन जीने की तरीके को बदल दिया प्लास्टिक उन उत्पादों में है जिनके हम हर दिन उपयोग करते हैं. इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी ए. के. सारस्वत सहायक जिला परियोजना अधिकारी बुद्ध विलास सिंह,सहायक संचालक के. एस. पैकरा,सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्याम चंद्राकर,विकास एवं शिक्षा अधिकारी आर. पी.दास चंद्रशेखर मिश्रा,रामेंद्र कुमार जोशी किशुन मतावले, विकासखंड स्रोत समन्वयक समन्वयक एवं पांचो विकास खंड के प्राचार्य उपस्थित थे


There is no ads to display, Please add some
WhatsApp Facebook 0 Twitter 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version