रायपुर (गंगा प्रकाश)। जिंदगी की भागदौड़ के बीच कॉलोनियां व मोहल्लो में लोग घर में बर्तन धोने व साफसफाई के लिए काम करने के लिए बाइयों को रखता है। भरोसे में रहकर अपना घर इन बाई लोगो को भी सौप देते है। जब ये बाइंया काम मांगने आती है तो ऐसी बाते करती है जिससे घर मालिक भी भरोसा कर लेता है। काम ऐसा करते है की घर की महिलाये भी इनके झांसे में आ जाती है। कुछ दिन में ये बाइया घर के हर कोने का मुआयना कर लेती है घर में कहा कहा कैमरा लगा है यह सब जानने के बाद इनका काम शुरू हो जाता है। ये काम वाली बाइंया घर के समानो की चोरी शुरू कर देती है। ये इन समानो की चोरी के बाद घर के मालिक का व्यवहार व रिएक्शन देखना चाहती है जैसे ही घरवालों का ध्यान इनकी चोरी पर नहीं गया उसके बाद ये लोग घर के महंगे सामानो की चोरी शुरू करती है। इसके बाद घर से पैसो की चोरी शुरू करती है। पैसे भी पूरा नहीं निकालते है कम से कम पैसे निकालकर अपना काम करते रहते है। जिस दिन घर वालो को इनके ऊपर शक हुआ और जैसे ही घर मालिक ने इनको चोरी करने की बात बोली वैसे ही ये लोग अपना असली चेहरा दिखाने में आ जाते है। ये घर के मालिक पर ही अपने पैसो की चोरी का आरोप लगाते है। अपने आपको ईमानदार बताकर कॉलोनी व अपार्टमेंट में रहने वालो को डराते है। घर मालिक को पुलिस थाने जाने की धमकी देते है। इनका खेल सुनियोजित तरीके से किया जाता है। ये अपनी बस्ती में रहने वाली अपनी अन्य साथियो के साथ कॉलोनी में रहने वाले मकान मालिक को धमकाने आ जाती है। लोग इनसे डर कर इनको उलटा पैसा देने को मजबूर हो जाते है।सुनियोजित तरीके से माँ बेटीया सहित चार पांच बस्ती के लोगो को लेकर मकान मालिक को डराकर अच्छा पैसा वसूल करने का काम कर लेती है। कोई भी व्यक्ति पुलिस के लफड़े में पड़ना नहीं चाहता, उसको अपनी कॉलोनी में इज्जत ख़राब होने का भी डर भी रहता है।

इन काम वाली बाइयो का एक गेंग रायपुर में आज कल बड़े पैमाने पर सक्रीय है। इनके द्वारा घरो में काम करने के नाम से चोरी की जाती है उसके बाद पकड़ाने के बाद घर के मालिक से तगड़ी वसूली का खेल किया जाता है। अपने आपको ईमानदार बताकर ब्लैकमेलिंग करके पैसो की वसूली की जा रही है। राजधानी में इनका नया खेल बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। बाहर से आकर रायपुर की बस्तियों में रहकर इनका बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। यह चोर गेंग अब तक कई घरो को अपना शिकार बना चुकी है.किसी भी घर में ये गेंग ज्यादा समय काम नहीं करता है चार से पांच माह के प्लान में घरो से चोरी करो उसके बाद निकल जाओ अगर पकड़ा गए तो बस्ती की अपनी साथी महिलाओ को लेकर घरवालों को डराओ और उनपर ही अपने पैसे चोरी करने का आरोप लगा दो। सामने वाला डरकर पैसा देगा। जो नहीं दिया उसके नाम से पुलिस थाने में आवेदन देकर डराओ। 

राजधानी में इस गेंग की चर्चा अब जोरो पर है। अब इस प्रकार की लूटपाट से पुलिस प्रशासन जनता को कैसे मदद पहुँचाती है यह देखना बाकी है।


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