अभनपुर(गंगा प्रकाश)। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन (सीटीयू) के साथ मिलकर, केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की किसान विरोधी और श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ विवश होकर 16 फरवरी को देशव्यापी ग्रामीण बंद और औद्योगिक हड़ताल का आह्वान किया है।आंगनबाड़ी संयुक्त मंच,टी यू सी आई के नेतृत्व में आज 16फरवरी को अभनपुर में आम सभा,रैली वा ज्ञापन का कार्यक्रम किया गया रैली अभनपुर शहर का भ्रमण किया सैकड़ो के तादाद में महिला पुरुष शामिल हुए, लाल झंडे लेकर केंद्र की फसिस्ट मोदी सरकार की जन विराधी नीतियों एवं दिल्ली के किसानों औऱ मजदूरों के समर्थन में नारे लगा रहे थे। जनपद पंचायत के सामने आमसभा को संबोधित करते हुए भा क पा माले के राज्य सचिव कॉमरेड सौरा ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के एक दशक लंबे शासन ने हर साल दो करोड़ नौकरियां पैदा करने, गरीबों के बैंक खातों में 15 लाख रुपये जमा करने आदि की जोरदार घोषणाओं के बावजूद बड़े पैमाने पर लोगों के बुनियादी मुद्दों का समाधान नहीं किया है,और जुमला बाजी करके जनता को धोखा दिया है। बेरोज़गारी पिछले पचास साल की तुलना में उच्चतम स्तर पर है। पिछले दस वर्षों में “अच्छे दिन”, “चमकदार भारत” की बात वास्तविक तथ्यों के प्रकाश में एक क्रूर मजाक बनकर रह गई है। मेहनतकश जनता की वास्तविक मज़दूरी में 20% की गिरावट आई है और इस अवधि में अत्यावश्यक वस्तुओं की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। श्रमिकों को निराशाजनक वेतन पर जीने के लिए मजबूर करते हुए , निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में नियमित कार्यबल पर अस्थायी श्रम के दबाव के साथ अनुबंध या आउटसोर्सिंग पर रोजगार नियम बन गया है। श्रमिकों को स्वैच्छिक, योजना लाकर मजदूर का दर्जा और वेतन से वंचित कर दिया गया है। कॉर्पोरेट क्षेत्र के फायदे के लिए एक नीति के रूप में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण के साथ, अनुबंध / अस्थाई श्रम के रोजगार की दिशा में अभियान को और तेज किया जा रहा है। भारत भूख,गरीबी,बाल देखरेख,महिला सुरक्षा, अभियक्ति की स्वतंत्रता, मानवाधिकार आदि सभी सूचकांको में नीचे गिर रहा है। वन संरक्षण अधिनियम 2023 और जैव विविधता अधिनियम और नियमों मे संशोधन वापस लेने की मांग किया गया।सभा कोप्रगतिशील आंगनबाड़ी यूनियन की उपाध्यक्ष रूमानी साहू,हीरा साहू,लक्ष्मी कोसले,दुर्गा यादव,अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा का अध्यक्ष भीमसेन मरकाम,बा स पा से आई ममता रानी साहू,शोभा राम गिलहरे,अनिता डहरिया ने भी अपने विचार व्यक्त किया।सभा के पश्चात राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के नाम एस डी एम अभनपुर को मांग पत्र दिया गया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी और सहायिकाओ को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जावे। नर्सरी शिक्षक पद पर उन्नयन किया जावे।

शासकीय कर्मचारी घोषित किये जाने तक श्रम कानून के तहत न्यूनतम पारश्रमिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता को कम से कम प्रति माह 31000/- और सहायिका बहनों को कार्यकर्ता के मानदेय 31000/- का 85% राशि स्वीकृत किया जावे।

मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को निः शर्त पूर्ण आंगनबाड़ी बनाया जावे।तब तक समान काम का समान वेतन दिया जावे।

सामाजिक सुरक्षा के रूप मे आंगनबाड़ी/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 5 लाख ग्रेज्युवेटी और 10000/- मासिक पेशन इसी तरह से सहायिकाओ को इसका 85% के अनुपात मे रू.4 लाख 25 हजार ग्रेज्युवेटी और 8 हजार पांच सौ मासिक पेशन के अनुपात में एवं सहायिका और समूह बीमा का लाभ देने हेतु नीति निर्धारण किया जावे।

सुपरवाईजर के रिक्त शत् प्रतिशत पदो पर कार्यकर्ताओ को बिना उम्र बंधन और परीक्षा के सीधे पदोन्नति दिया जावे। इसी तरह कार्यकर्ता के रिक्त शत् प्रतिशत पदों पर सहायिकाओं को पदोन्नत किया जावे और इस हेतु विभागीय सेवा भर्ती नियम मे आवश्यक संशोधन किया जावे।

क्रेश कार्यकर्ताओ को कार्यकर्ता के पद पर समायोजित किया जावे।

चार श्रम कोड व निश्चित अवधि के रोजगार कानून को वापस ले और काम पर सामानता व सुरक्षा सुनिश्चित करें, श्रम का कैजुएलाइजेशन व ठेकाकारण बंद हो।पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा में पोर्टेबिलिटी गारंटी दे।

सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों व सरकारी विभागों का निजीकरण बंद हो और राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एमएमप ) को खत्म करें खनिजों और धातुओ के खनन पर मौजूदा कानून में संशोधन करें।और स्थनीय समुदायों विशेषकर आदिवासियों और किसानों के उत्थान के लिए नियम बनाये।

काम के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया जाय।बेरोजगारी खत्म करने के लिए रोजगार पैदा किया जाय।मनरेगा के विस्तार कर प्रति वर्ष 200दिन किया जाय और मजदूरी 700 रुपये किया जाय।साथ में शहरी रोजगार गारंटी योजना बनाई जय।

केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दिये गये लिखित आश्वासन को लागू करे,जिसके आधार पर ऐतिहासिक किसान आंदोलन को स्थगित किया गया था।सभी शाहिद किसानों का सिंघु सिमा पर स्मरक बनाया जाय, पीड़ित परिवार को मुवावजा दे,उनका परिवार का पुनर्वास करे,सभी लंबित मामलों को वापस ले,।

एन पी एस(नई पेंशन योजना)खत्म करे, ओ पी सी(पुरानी पेंशन योजना)लागू करें, सभी को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करे।

बिजली (संशोधन) विधेयक 2022 वापस ले।कोई प्री पेड स्मार्ट मीटर नही चाहिए।

संविधान के मूल मूल्यों,अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, असहमति का अधिकार, धर्म की स्वतंत्रता, विविध संस्कृतियो,भाषाओं, कानून के समक्ष समानता और देश की संघीय संरचना आदि पर हमला बंद करो।

सभी के लिए मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी औऱ स्वच्छता के अधिकार की गारंटी हो सभी के लिए आवास सुनिश्चित करे।

राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन 31000/प्रतिमाह किया जाय ।सभी कृषक परिवारों को कर्ज के जाल से मुक्त करने के लिए व्यापक ऋण माफी योजना की करे।

वन अधिकार अधिनियम (एफ आर ए) कड़ाई से लागू हो, वन संरक्षण अधिनियम 2023और जैव विविधता अधिनियम और नियमों मे संशोधन वापस ले।

सरकार सभी फसलो के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य एम एस पी पर कानून बनाया जाय।किसानों और खेत मजदूरों को पेंशन दिया जाय।कंपनियों को आदिवासियों को जमीन लूटने से रोके जल जंगल और जमीन पर मूल वासियों का अधिकार सुनिश्चित करे।इह दौरान प्रमुख रूप से
दुर्गा यादव राज्य सचिव ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ़ इंडिया( टी यू सी आई ) हेमा भारती अध्यक्ष प्रगतिशील आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संग युवराज नेताम महासचिव आदिवासी भारत महासभा (ABM) भीमसेन मरकाम अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान संगठन
हेमंत कुमार टंडन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संयुक मंच छत्तीसगढ़
कॉमरेड सौरा राज्य सचिव भा क पा(माले) रेड स्टार उपस्थित थे।


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