अरविन्द तिवारी
नई दिल्ली (गंगा प्रकाश)– इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह में मिस्र के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया कि गणतंत्र दिवस 2023 पर मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी विदेशी मेहमान होंगे। मामले से परिचित लोगों ने कहा कि यह भारत के अरब देशों के साथ संबंधों का एक नया पड़ाव है। बताते चलें दोनों देशों ने इसी साल राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई है। पिछले महीने भारत के विदेश मंत्री एस० जयशंकर और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मिस्र यात्रा के दौरान राष्ट्रपति अल-सिसी से मुलाकात की थी। बताते चलें कि
मित्र देशों के नेता 1950 से ही गणतंत्र दिवस समारोहों की शोभा बढ़ाते रहे हैं। वर्ष 1950 में इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुकर्णो को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। 1952, 1953 और 1966 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर कोई विदेशी नेता शामिल नहीं हुआ। जबकि 2020 में ब्राजील के तत्कालीन राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो मुख्य अतिथि थे। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (2015) , रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (2007) , फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सार्कोजी (2008) और फ्रांस्वा ओलांद (2016) भी विगत में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि रह चुके हैं। इससे पहले वर्ष 2021 में ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। हालांकि, तब ब्रिटेन में कोरोना महामारी ने तबाही मचाई थी और आखिर में जॉनसन ने भारत आने में असमर्थता जताई थी। उल्लेखनीय है कि कोरोनावायरस महामारी के चलते लगातार दो साल तक गणतंत्र दिवस पर किसी विदेशी नेता को मुख्य अतिथि नहीं बनाया गया था।
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