Cgnews:गरियाबंद जिले में सौर सुजला योजना की समीक्षा बैठक संपन्न, कलेक्टर बी.एस. उइके ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। जिले में किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित सौर सुजला योजना की प्रगति की समीक्षा हेतु कलेक्टर बी.एस. उइके की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक का आयोजन गत शुक्रवार को कलेक्टर सभाकक्ष में किया गया। बैठक में योजना के क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उपस्थित अधिकारीगण:
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जी.आर. मरकाम, उपसंचालक कृषि चन्दन राय, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के सहायक अभियंता गणेश प्रसाद बारले, तथा क्रेडा गरियाबंद के सहायक अभियंता एवं सदस्य सचिव टी.आर. ध्रुव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
योजना की प्रगति पर विस्तृत जानकारी:
समीक्षा बैठक में सहायक अभियंता श्री ध्रुव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत गरियाबंद जिले को कुल 150 सोलर सिंचाई पंपों की स्थापना का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। अब तक 139 हितग्राहियों को पंप की स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से 18 हितग्राहियों के यहां सोलर पंपों की स्थापना पूर्ण हो चुकी है जबकि 121 हितग्राहियों के यहां फाउंडेशन कार्य पूरा कर लिया गया है, और आगामी चरणों में इन स्थलों पर पंप स्थापित किए जाएंगे।
हितग्राही वर्गीकरण एवं अनुदान:
बैठक में विभिन्न वर्गों – अनुसूचित जनजाति (अजजा), अनुसूचित जाति (अजा), अन्य पिछड़ा वर्ग (अपिव), तथा सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित 3 एचपी एवं 5 एचपी क्षमता के सोलर पंपों पर मिलने वाले शासकीय अनुदान की भी जानकारी दी गई। यह योजना खासकर उन किसानों के लिए राहत बनकर आई है जो विद्युत आपूर्ति से वंचित क्षेत्रों में कृषि करते हैं।
कलेक्टर ने दिए निर्देश:
कलेक्टर बी.एस. उइके ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि शेष बचे सौर पंपों की स्थापना कार्य को निर्धारित समय-सीमा में हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि किसानों को शीघ्र सिंचाई सुविधा मिल सके। इस पर क्रेडा अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सभी कार्य निर्धारित अवधि के भीतर पूर्ण कर लिए जाएंगे।
लक्ष्य वृद्धि की आवश्यकता पर बल:
बैठक के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि जिले में 584 अतिरिक्त आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो कृषि विभाग से अनुमोदन उपरांत क्रेडा को सौंपे गए हैं। कलेक्टर श्री उइके ने वर्तमान लक्ष्य को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि जिले की मांग को देखते हुए शासन स्तर पर लक्ष्य वृद्धि की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गरियाबंद के मैनपुर, देवभोग और छुरा विकासखंडों में विद्युत आपूर्ति की सीमित उपलब्धता के कारण वहां सोलर सिंचाई पंपों की अत्यधिक मांग है। अतः इन क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए प्रस्ताव शासन को भेजा जाना चाहिए।
कृषकों के लिए वरदान बन रही है योजना:
सौर सुजला योजना के माध्यम से सुदूर ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के किसान बिना विद्युत कनेक्शन के भी अपनी फसलों की सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे खेती की लागत में कमी आ रही है और उत्पादकता बढ़ रही है। क्रेडा के माध्यम से यह योजना तेजी से किसानों तक पहुँचाई जा रही है।