भूपेश बघेल ने साधा निशाना कहा अगर मैं किसी से पीएम का नाम लेने को कहूं तो ईडी पूछताछ करेगी?

प्रकाश कुमार यादव 
रायपुर (गंगा प्रकाश)।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 20 विधानसभा सीटों पर मतदान से चार दिन पहले शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने हडकंप बनाया।  ईडी ने एक आधिकारिक बयान में बताया है कि हजारों लोगों को सैकड़ों करोड़ रुपए का चूना लगाने वाले महादेव ऐप के प्रमोटर्स ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपए दिए हैं। ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले महादेव ऐप के गिरफ्तार कर्मचारी ने ईडी की पूछताछ में कबूल किया है कि बघेल को 508 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। मतदान से ठीक पहले सामने आए इस खुलासे से बघेल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

गौरतलब है कि राज्य में ईडी की कार्रवाई को लेकर बघेल बहुत मुखर रहे हैं। उन्होंने एक बयान में कहा था कि राज्य में जितने कुत्ते, बिल्ली नहीं घूमते उतने ईडी के लोग घूम रहे हैं। इसी तरह राजस्थान में घूस लेने के मामले में ईडी के एक अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद बघेल ने कहा था कि चुनावी राज्यों में घूम रहे ईडी के लोगों की गाड़ियों की चेकिंग होनी चाहिए ताकि पता चले कि कहीं वे लोग किसी पार्टी के लिए तो काम नहीं कर रहे हैं।

उनके इन आरोपों के बाद ईडी ने इतना बड़ा खुलासा किया है। इससे उनके ऊपर शिकंजा कस सकता है। ईडी ने शुक्रवार को एक प्रेस रिलीज कर बताया गया कि, महादेव ऐप के प्रमोटर ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को 508 करोड़ रुपए दिए हैं, इसकी जांच जारी है। ईडी ने दावा किया कि उसने एक कैश कूरियर का बयान दर्ज किया है, जिसमें आरोप लगाया है कि महादेव सट्टेबाज ऐप के प्रमोटर्स ने अब तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। यह जांच का विषय है।

इस बीच गुरुवार की ईडी की कार्रवाई के बाद गिरफ्तार महादेव ऐप के कर्मचारी असीम दास और कांस्टेबल भीम सिंह यादव को रायपुर की विशेष अदालत ने सात दिनों की ईडी की रिमांड पर भेज दिया। अब अगली सुनवाई 10 नवम्बर को होगी। शुक्रवार शाम पांच बजे ईडी की टीम ने दोनों आरोपियों को विशेष जज अजय सिंह राजपूत की कोर्ट में पेश किया।

इससे पहले गुरुवार को भिलाई में ईडी की टीम ने हाउसिंग बोर्ड के रहने वाले बप्पा दास के घर छापा मार कर ढाई करोड़ रुपए कैश जब्त किया था। छापे के दौरान टीम ने यह रकम कमरे में रखे दीवान से बरामद की थी। ऑनलाइन सट्टा ऐप केस में गुरुवार को ईडी ने रायपुर और भिलाई में छापे मारे थे, जिसमें कुल पांच करोड़ 39 लाख रुपए की रकम पकड़ी गई है। साथ ही 15 करोड़ की रकम फ्रिज भी गई है। इस मामले में गिरफ्तार कर्मचारी असीम दास भिलाई का रहने वाला है। उसके पास से पांच करोड़ 39 लाख रुपए नकद मिले। वह रायपुर के एक होटल में रुका हुआ था, कुछ पैसे उसकी गाड़ी से मिला और कुछ होटल के कमरे से और कुछ उसके भिलाई के निवास से मिले।

ईडी के दावे के बाद पूर्व सीएम रमन सिंह का सीएम बघेल पर हमला, बोले- ‘अब समझ आया वो डरता क्यों है

छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान में केवल तीन दिन बचे हैं, लेकिन चुनाव से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सीएम भूपेश बघेल  को लेकर किए गए दावे के बाद प्रदेश का सियासी भूचाल आ गया है।दरअसल, ईडी का ये दावा महादेव सट्टेबाजी ऐप के मामले से जुड़ा है।ईडी ने महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रवर्तक की ओर से सीएम भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये के भुगतान का दावा किया है।सीएम भूपेश बघेल को लेकर किए गए ईडी के इस दावे के बाद प्रदेश के पूर्व सीएम रमन सिंह  ने मुख्यमंत्री पर हमला बोला है।पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा “अब तो स्पष्ट हो गया है कि महादेव एप 508 करोड़ रुपये सीएम भूपेश बघेल के पास आया है।असीम दास को गिरफ्तार किया गया है. और उसकी कार से 5.37 करोड़ रुपये जब्त हुए।असीम दास ने सीएम भूपेश बघेल के नाम से पैसे देने की बात कही. यही असीम दास महादेव ऐप का प्रमोटर भी है।

रमन सिंह ने सीएम भूपेश बघेल को घेरा

पूर्व सीएम ने कहा कि उसका (असीम दास महादेव ऐप से संबंध भी है।अब समझ में आ रहा है कि सीएम भूपेश बघेल ईडी से इतना डरते क्यों हैं और रोज सुबह शाम ईडी का नाम क्यों लेते रहते हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि ईडी ने जब अपने शासकीय विज्ञ्पति में ये कहा कि 508 करोड़ रूपये का लेन-देन हुआ है, तो इसका मतलब ये हो गया कि छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जुआ, सट्टा और महादेव ऐप वालों से भी पैसे लिए हैं।इससे पहले मिडिया से बातचीत में कहा कि सीएम के सचिवालय से सीधे-सीधे महादेव ऐप के तार जुड़े थे। पत्रकारो से बातचीत में उन्होंने कहा कि अब ये साफ हो गया कि सीएम का संरक्षण इस महादेव ऐप को मिला हुआ था और पुलिस की तरफ से भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी।बता दें छत्तीसगढ़ में चुनाव से ठीक पहले ईडी के  महादेव सट्टेबाजी ऐप और सीएम  भूपेश बघेल को लेकर किए गए दावे के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया है। राज्य में तीन दिन के बाद पहले चरण की 20 सीटों के लिए मतदान होना है।ऐसे में कांग्रेस ईडी के इस खुलासे की टाइमिंग पर सवाल उठा रही है।

अगर मैं किसी से पीएम का नाम लेने को कहूं तो ईडी पूछताछ करेगी, भूपेश बघेल ने साधा निशाना

  
सीएम भूपेश बघेल ने चुनाव से पहले ईडी की छापेमारी को मजाक बताया हैं उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दोनों मिलकर भी कांग्रेस का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं तो वे जांच एजेंसियों के सहारे चुनाव लड़ना चाहते हैं। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी पार्टियों के भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) ने जैसे केंद्रीय जांच एजेंसियों का काम बढ़ा दिया है। ये हम नहीं, बल्कि दिल्ली, छत्तीसगढ़, बिहार समेत कई राज्यों ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की अति सक्रियता से पता चल रहा है।आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत कई दलों ने ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी को पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव से पहले पार्टियों को जनता की नजर में गिराने की कोशिश बताया है।एक और कथित शराब घोटाले मामले में ईडी के समन जारी करने के बावजूद दिल्ली के सीएम और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने यह कहते हुए आने से इनकार कर दिया कि जांच एजेंसी ने समन में यह नहीं बताया कि उन्हें केस में किस हैसियत से पूछताछ के लिए बुलाया गया है।ईडी को भेजे पत्र में उन्होंने ईडी की इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया है। अब यही बात छत्तीसगढ़ से निकलकर सामने आई है।
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा, ईडी का यह दावा कि उन्हें महादेव ऐप प्रमोटरों ने 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, क्या इससे बड़ा मजाक हो सकता है?अगर आज मैं किसी को पकड़कर उससे पीएम मोदी का नाम लेने के लिए कहूं, तो क्या ईडी उनसे पूछताछ करने लगेगी,बघेल ने कहा कि आज किसी की भी प्रतिष्ठा को धूमिल करना बहुत आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दोनों मिलकर भी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कामुकाबला नहीं कर पा रहे हैं तो वे जांच एजेंसियों के सहारे चुनाव लड़ना चाहते हैं।

ईडी की नीयत पर उठे सवाल

भूपेश बघेल ने कहा कि ‘महादेव ऐप’ की कथित जांच के नाम पर ईडी ने पहले मेरे करीबी लोगों को बदनाम करने के लिए उनके घर छापे डाले और अब एक अनजान व्यक्ति के बयान को आधार बनाकर मुझ पर 508 करोड़ लेने का आरोप लगा दिया है। ईडी की चालाकी देखिए कि उस व्यक्ति का बयान जाहिर करने के बाद एक छोटे से वाक्य में लिख दिया है कि बयान जांच का विषय है।अगर जांच नहीं हुई है तो एक व्यक्ति के बयान पर प्रेस रिलीज जारी करना न केवल ईडी की नीयत को बताता है, बल्कि इसके पीछे केंद्र सरकार की बदनीयती को भी जाहिर करता है।

सुरक्षा के बावजूद कैश कैसे आ रहा छत्तीसगढ़

सीएम ने कहा कि इस समय राज्य में चुनाव हो रहे हैं।सब कुछ चुनाव आयोग के हाथों में है।पुलिस-सीआरपीएफ के जवान जांच कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी रकम लेकर लोग किस तरह से छत्तीसगढ़ पहुंच पा रहे हैं, कहीं इसमें भी तो केंद्रीय एजेंसियों की सांठगांठ नहीं चल रही है? कहीं ये रकम उन संदूकों में तो भरकर नहीं लाई गई है जो ईडी के अफसरों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ विशेष विमान से आए।

किसी भी हद तक जा सकती है ईडी

भूपेश बघेल ने कहा कि वह पहले भी कहते आ रहे हैं कि ईडी किस तरह से काम करती है। वह पहले लोगों के नाम तय करती है फिर गिरफ्तार कर डराती-धमकाती है और उन्हें दूसरे नाम लेने के लिए बाध्य करती है और ऐसा करने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है।मारना, डराना, धमकाना तो सामान्य बात है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसका एक-एक कार्यकर्ता तैयार है। केंद्र सरकार को चेताते हुए बघेल ने कहा कि ईडी, आईटी जैसी एजेंसियों से मुकाबले के लिए छत्तीसगढ़ की जनता हमारे साथ है,हम लड़ेंगे और जीतेंगे।

‘सत्ता में बैठकर खेला सट्टा का खेल: स्मृति ईरानी का सीएम बघेल पर हमलासमृति ईरानी का सीएम बघेल पर तंज

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने महादेव बेटिंग एप में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल का नाम सामने आने के बाद उनपर जमकर निशाना साधा. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि सत्ता में रहकर ‘सत्ता का खेल’ छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेतृत्व का एक बहुत बड़ा चेहरा बन चुका है. कल भूपेश बघेल के खिलाफ कुछ चौंका देने वाले तथ्य देश के सामने आए हैं. असीम दास नामक एक व्यक्ति से 5.30 करोड़ रुपए से ज्यादा बरामद हुए हैं.

उन्होंने कहा, ‘मैं आज कुछ प्रश्न पूछना चाहती हूं -क्या ये सत्य है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नेताओं को शुभम सोनी के माध्यम से असीम दास पैसा पहुंचाते थे? क्या ये सत्य है कि शुभम सोनी के एक वॉइस मैसेज के माध्यम से असीम दास को ये आदेश दिया गया कि वो रायपुर जाएं और भूपेश बघेल को चुनाव के खर्चे के लिए पैसा दें?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरानी ने कहा, ‘भूपेश बघेल के बारे में कल हुए खुलासे से देश स्तब्ध रह गया. असीम दास नाम के शख्स के पास से 5.30 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बरामद की गई. क्या कांग्रेस नेताओं को शुभम सोनी के जरिए असीम दास से पैसे मिले? क्या असीम दास ने शुभम सोनी को रायपुर जाकर बघेल को चुनाव खर्च के रूप में पैसे सौंपने का निर्देश दिया था?’

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आगे कहा, ‘कांग्रेस पार्टी हवाला ऑपरेटरों का इस्तेमाल कर छत्तीसगढ़ का चुनाव लड़ रही है. छत्तीसगढ़ पुलिस और आंध्र प्रदेश बीजेपी के प्रशासनिक दायरे में नहीं आते हैं।तो क्या भूपेश बघेल अपनी ही सरकार पर सवाल उठा रहे हैं?’
उन्होंने कहा कि असीम दास ने अपने बयान में कबूल किया है कि वो आदेश के मुताबिक दुबई आए थे।उन्हें आदेश दिया गया था कि कांग्रेस के चुनाव खर्च के लिए पैसे दिए जाएं। असीम दास ने कबूल किया है कि ये पैसा महादेव ऐप के तहत अवैध सट्टेबाजी का है.  दास ने कबूल किया है कि शुभम सोनी महादेव ऑनलाइन बुक के शीर्ष स्तर के प्रबंधन का हिस्सा है…’बता दें कि शुक्रवार को ईडी (ED) ने ये दावा किया कि उसने पैसे का लेन-देन करने वाले एक व्यक्ति का बयान दर्ज किया है. पूछताछ के दौरान कि महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रवर्तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब तक 508 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुके हैं।


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