प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ग्रामीणों को निशुल्क रेत मुहैया कराने ओपी ने की विधान सभा में घोषणा……..


रायपुर(गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 11वां दिन आज सदन में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन का मामला जमकर गूंजा। प्रदेश भर में जारी रेत के अवैध खनन इस मामले को सबसे पहले पामगढ़ की कांग्रेस सदस्य शेषराज हरवंश ने पूरे जोरशोर से उठाया। मुद्दे को लपकते हुए धरमजीत सिंह ने सरकार के सामने ही चुनौती पेश कर दी।

अगर अभी 200 पोकलेन नदी में नहीं होंगे तो मैं विधानसभा से इस्तीफा दे दूंगा

धरमजीत सिंह ने मंत्री को हेलीकॉप्टर से सर्वे करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर अभी 200 पोकलेन नदी में नहीं होंगी तो मैं विधानसभा से इस्तीफा दे दूंगा।” सदस्य ने कहा, पूर्ववर्ती सरकार ने रेत का बड़ा खेल खेला है, घाटों का अधिकार पूर्व की तरह पंचायत को देने की जरूरत है। इसके अलावा 15 दिनों तक लगातार कार्रवाई करने की जरूरत है। जुर्माने के प्रावधान से कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला है। सदस्य के इस मांग पर मंत्री ने आगामी 15 दिनों तक रोज कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश दिए हैं।

व्यास कश्यप ने उठाया अवैध रेत परिवहन का मामला

इसके बाद जांजगीर चांपा के विधायक व्यास कश्यप ने भी रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर सवाए उठाए व्यास ने पूछा कि प्रदेश में कई जगहों पर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है। ग्राम पंचायतों की सड़कें रेत के अवैध परिवहन के कारण खराब हो चुकी हैं। दिन में विभाग सड़क बनाता है और रात में भारी भरकम ट्रक उसके ऊपर रेत का परिवहन करते हैं। इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?

हर हाल में रेत माफिया के खिलाफ होगी कार्रवाई

विधायकों के सवाल पर राजस्व मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि रेत के अवैध उत्खनन के 555 प्रकरण दर्ज किए गए।  जिसमें 3 करोड़ 23 लाख की राशि का जु्र्माना वसूला गया। वहीं अवैध परिवहन में 9789 प्रकरण दर्ज कर 16 करोड़ 65 लाख की राशि वसूल की गई है। विधायक धरमजीत और व्यास कश्यप के सवाल पर ओपी चौधरी ने भरोसा दिलाया कि आगामी 15 -20 दिनों में विभाग के जितने भी स्टाफ और फ्लाइंग स्कॉड हैं। उनकी मदद से एक्शन लिया जाएगा। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ताकि ऐसे लोगों को सख्त संदेश जाए।

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ग्रामीणों को निशुल्क रेत मुहैया कराने ओपी ने की विधान सभा में घोषणा……..

बताते चले कि छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार ने प्रधानमंत्री आवास हेतु निशुल्क रेत मुहैया कराने का ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गरीबों को रेत माफियाओं से मुक्ति दिला दी। इस निर्णय की घोषणा रायगढ़ विधायक एवम वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधान सभा में की है। इस बड़े निर्णय से सरकार की आवास योजना के तहत मकान बनाने वाले गरीबों को बड़ी राहत मिल सकेगी। मंगलवार को विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी का यह बयान आया है। ग्रामीण क्षेत्र में छोटे-मोटे काम के लिए रेत ले जाने वालो को रोका नहीं जाएगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, गांव में छोटे-छोटे छोटे-मोटे या घर बनाने के लिए रेत ले जाने वाले ग्रामीणों को अब परेशान नही होना पड़ेगा। पिछले पांच सालो से आवास का काम रुका हुआ था नई सरकार की घोषणा से लाभान्वित ऐसे गरीब जो प्रधानमंत्री आवास योजना का घर बनना शुरू कर चुके है। ऐसे लोग फ्री रेत का उपयोग कर सकते हैं।विधान सभा में लता उसेंडी द्वारा अवैध रेत उत्खनन एवम परिवहन का मुद्दा उठाए जाने के दौरान पीएम आवास हेतु छोटे-छोटे ट्रैक्टर मे रेत ले जाने वालों पर हो रही कार्यवाही पर ध्यान आकर्षण किया था। कार्यवाही के दौरान अधिकारियों के व्यवहार संबधी शिकायते भी आ रही है।विधायक उसेंडी ने कलेक्टरों को निर्देशित करने की मांग करते हुए कहा जिन जगहों पर शिकायत आ रही है तत्काल लीज स्वीकृत किए जाने के निर्देश दिए जाए।ताकि लोगों को आसानी से रेत मिलने में सुविधा हो सके। रेत की बहुत सी खदान लीज पर नहीं दिए जाने की वजह से बहुत सी दिक्कत आ रही है। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने प्रधानमंत्री आवास के लिए मुफ्त रेत की व्यवस्था पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी को धन्यवाद भी दिया।

WhatsApp Facebook 0 Twitter 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version