Cgbrekings news: जरहागांव में बिजली विभाग की मनमानी से उपभोक्ता त्रस्त — बिना रीडिंग भेजे जा रहे हजारों के बिल, समाधान के बजाय आश्वासन
जरहागांव/मुंगेली (गंगा प्रकाश)। नगर पंचायत जरहागांव में बिजली विभाग की मनमानी ने उपभोक्ताओं की परेशानियों को बढ़ा दिया है। विभाग द्वारा बिना मीटर रीडिंग के हजारों रुपये के बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हैं। समाधान की मांग करने पर अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन मिलता है, जिससे जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय निवासी सुखन जायसवाल ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से लगातार बिजली बिल की गड़बड़ियों को लेकर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने कलेक्टर मुंगेली को भी ज्ञापन सौंपा है, परंतु हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।
अभिषेक कश्यप ने बताया कि उनके दुकान में नया स्मार्ट मीटर लगने के बाद मार्च 2025 का बिल ₹52,980 दर्शाया गया, जिसकी शिकायत 11 अप्रैल 2025 को लिखित रूप से की गई। लेकिन शिकायत के बाद अगले ही अपडेट में यह बढ़कर ₹65,910 हो गया। यह दर्शाता है कि मीटर रीडिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से मनमाने ढंग से की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मीटर रीडिंग कर्मचारी रीडिंग लेने के बजाय अनुमान के आधार पर बिल तैयार कर रहे हैं। शिकायत के बावजूद उपभोक्ताओं को समाधान नहीं मिल रहा और उल्टा बिल का भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा है।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि वेदप्रकाश कश्यप ने कहा कि बिल बढ़ोतरी की लगातार शिकायतें मिल रही हैं और जल्द ही इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा।
पूर्व सरपंच धीरसिंह बंजारे और वार्ड पार्षद सुरेश साहू ने भी बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना रीडिंग के बिल भेजना गैरकानूनी है और इससे उपभोक्ता मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं।
बिजली विभाग के जेई रचित दुआ ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। प्राप्त आवेदन की प्रक्रिया जारी है और जो बिल सुधार योग्य होगा, उसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा।