CGNEWS:150 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश: “बंटी-बबली” स्टाइल में देशभर को चूना लगाने वाले ठग दंपती को जशपुर पुलिस ने दिल्ली से दबोचा
जशपुर (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल और अंतरराज्यीय ठगी मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो शातिर ठगों को राजधानी दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ‘बंटी-बबली’ स्टाइल में खुद को केंद्रीय मंत्रालयों का अधिकारी बताकर देशभर के व्यापारियों और कंपनियों को राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन और CSR फंड के नाम पर 150 करोड़ से अधिक की ठगी की है।

गिरफ्त में आए मास्टरमाइंड दंपती
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं—
- रत्नाकर उपाध्याय (40 वर्ष)
- अनिता उपाध्याय (35 वर्ष)
दोनों दिल्ली के उत्तमनगर के निवासी हैं और एक संगठित ठग गिरोह के मुखिया माने जा रहे हैं। ये लोग बेहद पेशेवर और हाई-प्रोफाइल तरीके से ठगी करते थे। खुद को मंत्रालयों का अधिकारी, CSR निदेशक या राष्ट्रीय योजना से जुड़े उच्च पद पर बता कर भरोसा जमाते थे।
ठगी का “बंटी-बबली” मॉडल
गिरोह का तरीका बेहद चौंकाने वाला था।
- वे खुद को शिक्षा मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय या नीति आयोग से जुड़ा अधिकारी बताकर संपर्क करते थे।
- राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन और CSR स्कीम के नाम पर कंपनियों को फर्जी सप्लाई ऑर्डर दिखाए जाते थे।
- बदले में 25 लाख रुपये तक की सिक्योरिटी मनी, 50 हजार की प्रोसेसिंग फीस, और कंपनी के CSR कोटे से पेमेंट का झांसा दिया जाता था।
- विश्वास दिलाने के लिए ये फर्जी चेकबुक, शासकीय बुकलेट, दस्तावेज और झूठे टर्नओवर के आंकड़े प्रस्तुत करते थे।
छत्तीसगढ़ में करोड़ों की ठगी
गिरोह ने छत्तीसगढ़ के कई प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया:
- अमित अग्रवाल (व्यापारी, पत्थलगांव) से 5.70 करोड़ रुपए
- टी बर्ड एंटरप्राइज़ेज, बिलासपुर से 5.70 करोड़ रुपए
- पूर्णिमा ट्रेडिंग, रायगढ़ से लाखों रुपए की ठगी
जशपुर पुलिस की टेक्नो-स्मार्ट प्लानिंग
जशपुर पुलिस ने जब ठगी की शिकायतें गंभीरता से लेना शुरू किया, तब तकनीकी विश्लेषण के ज़रिए रत्नाकर और अनिता की लोकेशन ट्रेस की गई।
- पुलिस ने खुद को एक सरकारी अधिकारी बताकर आरोपियों को 1,000 करोड़ के CSR ऑर्डर का लालच दिया।
- दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित होटल ताज में मुलाकात तय करवाई गई, जहां से उनका पीछा करते हुए सागरपुर में पुलिस ने जाल बिछाया।
- गिरफ्तारी के समय आरोपी ने एसडीओपी धुर्वेश जायसवाल पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन टीम ने साहस दिखाते हुए उसे काबू कर लिया।
अवैध संपत्ति का चौंकाने वाला खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों के पास से करोड़ों की अवैध संपत्ति मिली है:
- लखनऊ में 24 फ्लैट
- दिल्ली में 2 फ्लैट
- ढाई करोड़ की Range Rover गाड़ी
- कुल संपत्ति अनुमानतः 40 करोड़ से अधिक
देशभर में दर्ज हैं केस, BNS की धाराओं में मामला दर्ज
रत्नाकर उपाध्याय के खिलाफ पहले से ही 12 से अधिक FIR देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं।
अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं—316(2)(5), 318(4), 336(1)(3), 338, 340(2), 341(1), 346 और 61(2)—के तहत पत्थलगांव थाने में नया अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
पुलिस टीम को मिलेगा नगद इनाम
इस बेहतरीन कार्रवाई में लगे पुलिस अधिकारियों की सराहना करते हुए रेंज IG दीपक झा ने टीम को नगद इनाम देने की घोषणा की है।
टीम में शामिल रहे:
- एसडीओपी धुर्वेश जायसवाल
- निरीक्षक विनीत पांडे
- अमित तिवारी, ASI लखेश साहू
- प्रधान आरक्षक अनंत मिराज
- महिला आरक्षक रिम्पा पैंकरा
इन सभी ने मिलकर बहादुरी, प्रोफेशनल प्लानिंग और टेक्नो-स्मार्ट पुलिसिंग का शानदार उदाहरण पेश किया है।
अब अगला सवाल—बाकी आरोपी कब होंगे गिरफ्तार?
इस ठगी कांड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देशभर में CSR और सरकारी योजनाओं की आड़ में संगठित आर्थिक अपराध चल रहे हैं।
अब पुलिस की अगली चुनौती उन अन्य फरार आरोपियों को पकड़ना है, जिनकी भूमिका भी इस गिरोह में अहम रही है।
सवाल यह भी उठता है कि क्या इनकी संपत्ति जब्त कर व्यापारियों को उनका पैसा वापस मिल पाएगा?
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